JNU : पुलिस ने नहीं किया विरोध, कन्हैया व अन्य आरोपियों को मिली स्थायी जमानत
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जेएनयू देशविरोधी नारेबाजी विवाद मामले में आरोपी छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य को राहत प्रदान करते हुए कोर्ट ने नियमित जमानत प्रदान कर दिया है।
इसके पहले दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिका पर पेश अपनी रिपोर्ट में कहा था कि उन्होंने अंतरिम जमानत का दुरुपयोग नहीं किया और जांच में पूरा सहयोग दिया। इन आरोपियों ने 19 अगस्त को जमानत याचिका दायर की थी।
पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रीतेश सिंह के समक्ष कन्हैया कुमार समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिका पर बहस करते हुए विशेष अधिवक्ता राजीव मोहन ने कहा कि इन आरोपियों ने अंतरिम जमानत का दुरुपयोग नहीं किया है और जांच में पुलिस का सहयोग किया है।
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू कैंपस में नौ फरवरी 2016 को हुई देश विरोधी नारेबाजी के सिलसिले में इन आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था। ये तीनों आरोपी फिलहाल अंतरिम जमानत पर हैं।
जेएनयू की बस में पिस्टल रखने के आरोपी की कार हड़पी
अमित जानी ने जेल से बाहर आने के बाद जब कार वापस मांगी, तो आरोपियों ने कार देने से मना कर दिया और उसे जाने से मारने की धमकी दी। अमित की शिकायत पर लाजपत नगर थाना पुलिस अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मेरठ निवासी अमित जानी पर जेएनयू जाने वाली बस में पिस्टल व कारतूस रखने का आरोप है। हथियारों के साथ एक चिट्ठी मिली थी, जिसमें कन्हैया व उमर खालिद को मारने की बात कही गई थी। अमित को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था।
जमानत पर छूटने के बाद आरोपियों से मांगी कार, तो देने से किया मना
अमित ने लाजपत नगर थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसका लाजपत नगर-1 में कॉरपोरेट ऑफिस है। उसने 30 अक्तूबर 2015 को सफेद रंग की स्कॉर्पियो कार खरीदी थी। फरवरी 2016 में मुजफ्फरनगर सदर सीट से विधानसभा का उपचुनाव लड़ा था।
चुनाव के दौरान उसकी मुलाकात दो सगे भाइयों गांव ज्ञानपुर, किला रोड, मेरठ निवासी बाबू पुत्र बुंदू खान और कलवा पुत्र बुंदू खान से हुई थी। इसके बाद ये उसके लाजपत नगर स्थित ऑफिस में आने लग गए। दोनों कई बार उसकी स्कॉर्पियो भी मांगकर ले जाते थे।
अमित जानी ने शिकायत में कहा है कि 14 अप्रैल 2016 को जेएनयू जाने वाली बस में पिस्टल और कारतूस बरामद होने के मामले में पुलिस ने उसे आरोपी बना दिया। मामला दर्ज होने का जब उसे पता लगा, तो वह अपनी स्कोडा कार से वकील से सलाह लेने जा रहा था।
उसी समय बाबू, कलवा और बुंदू खान उसके घर पर आ गए और यह कहकर उसकी स्कॉर्पियो ले गए कि पुलिस उसकी कार जब्त कर लेगी। वे स्कॉर्पियो उसके घर पहुंचा देंगे। इसके बाद 12 मई को स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
17 अगस्त को जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद जब उसने इन लोगों से कार वापस मांगी, तो आरोपियों ने देने से मना कर दिया। आरोप है कि इन लोगों ने कार की आरसी भी हथिया ली है। अब आरोपी कह रहे हैं कि उन्होंने चुनाव में पैसे खर्च किए थे। पैसों के बदले कार ले ली है।