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जेएनयू ने एआईसीटीई समेत नौ संस्थानों को भेजे नोटिस, कही लैंड लीज में बदलाव की बात
Fri, 26 Jul 2019 05:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 26 Jul 2019 05:51 AM IST
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जवाहर लाल नेहरू केंद्रीय विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रबंधन ने एआईसीटीई समेत नौ संस्थानों को नोटिस भेजा है। इसमें विवि में लैंड लीज समझौते में बदलाव की बात कही है।
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जानकारी के मुताबिक, जेएनयू ने केंद्र सरकार के नौ उच्च शिक्षण व रिसर्च संस्थानों आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई), आईआईएमसी, केंद्रीय विद्यालय संगठन, इंडियन काउंसिल फॉर सोशल साइंस रिसर्च, इंडियन काउंसिल फार हिस्टोरिकल रिसर्च आदि को नोटिस भेजा है।
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इसमें जेएनयू ने लैंड लीज समझौते में बदलाव करने की बात कही है। यह सभी संस्थान जेएनयू की जमीन पर अपने-अपने कैंपस बनाकर वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन जेएनयू को किराया नहीं मिल रहा है। जेएनयू का तर्क है कि उसके खर्चे बढ़े हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए वह लैंड लीज समझौते में बदलाव चाहता है। सभी संस्थान अपने-अपने माध्यम से मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक मामला पहुंचा रहे हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, जेएनयू के इस नोटिस पर सभी संस्थान कानूनी राय लेने के साथ केंद्र सरकार से दखल की मांग करेंगे। जेएनयू पहले ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के समक्ष विवि के पास पैसा नहीं होने की बात रख चुका है। जेएनयू केंद्रीय विश्वविद्यालय है, जबकि यह सभी भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय के ही स्वायत्त संस्थान हैं।
जेएनयू के कई शिक्षक विवि प्रबंधन के इस फैसले के खिलाफ हैं। उनका मानना है कि उक्त संस्थानों के साथ जेएनयू का एक शैक्षिक समझौता था, जिसका लाभ जेएनयू के छात्र भी उठाते हैं। इसलिए संस्थानों को नोटिस भेजकर अधिक किराये की मांग करना गलत है।