'देशविरोधी नारेबाजी के सात में से दो वीडियो ‘फर्जी’
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दिल्ली सरकार के आदेश पर जेएनयू के विवादित कार्यक्रम के वीडियो क्लिपिंग के सेट की फारेसिंक जांच में अहम खुलासा हुआ है। फोरेंसिक जांच के मुताबिक दो वीडियो से छेड़छाड़ की गई।
जानकारी के मुताबिक वीडियो के साथ जोड़-तोड की गई। इतना ही नही वीडियो क्लिप्स में जो व्यक्ति मौजूद नहीं थे उनकी भी आवाज इसमें जोड़ दी गई थी।
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने हैदराबाद स्थित ट्रूथ लैब को भेजे सात वीडियो भेजे थे। इनमें से दो में जोड़ तोड़ और छोड़छाड़ की बात सामने आई।
दिल्ली सरकार को सौंपी रिपोर्ट
जबकि बाकी के सभी वीडियो को सही और वास्तविक पाया गया। बताया जा रहा है कि छेड़छाड़ किए जाने वाले वीडियो क्लिप्स को संपादित किया गया है।
इसके अलावा इन क्लिप्स में अन्य आवाजों को भी जोड़ा गया। रिपोर्ट फिलहाल दिल्ली सरकार को सौंप दी गई है। इस बात से भी इनकार नहीं किया गया है कि जिन लोगों की आवाजें इसमें जोड़ी गई वे क्लिप्स में भी नजर नहीं आए।
बता दें कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने जेएनयू कैंपस में नौ फरवरी को कथित देशविरोधी नारेबाजी की घटना की जांच के लिए 13 फरवरी को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे।