जेएनयू विवाद में विधायक और तीन वकीलों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
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मामला पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में 15 व 17 फरवरी 2016 को जेएनयू छात्रसंघ कन्हैया कुमार की कोर्ट में पेशी व उसके बाद मारपीट से जुड़ा है। अदालत चार्जशीट पर 22 सितंबर को विचार करेगी।
महानगर दंडाधिकारी स्निग्धा सरवरिया के समक्ष दिल्ली पुलिस ने पहली चार्जशीट 15 फरवरी को हुई हिंसा के मामले में दाखिल की है। इस दिन पत्रकारों के साथ मारपीट व धक्का मुक्की की गई थी।
इस मामले में पुलिस ने तीन अधिवक्ताओं विक्रम सिंह चौहान, यशपाल सिंह व ओम शर्मा को आरोपी बनाया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दंगा करने, धमकी देने, चोट पहुंचाने और हंगामा करने की धाराएं लगाई हैं।
ओपी शर्मा पर चोट पहुंचाने, रास्ता रोकने, धमकी देने संबंधी धाराएं
पुलिस ने दूसरी चार्जशीट भी 15 फरवरी को कोर्ट के बाहर सीपीआई कार्यकर्ता से मारपीट के मामले में दाखिल की है। इस मामले में पुलिस ने भाजपा विधायक ओपी शर्मा को आरोपी बनाया है। पुलिस ने शर्मा पर चोट पहुंचाने, रास्ता रोकने, धमकी देने संबंधी धाराएं लगाई हैं।
तीसरी चार्जशीट 17 फरवरी को गेट नंबर दो पर एक वकील के साथ मारपीट मामले में दाखिल की गई है। इस मामले में पुलिस ने विक्रम सिंह चौहान व यशपाल सिंह को आरोपी बनाया है।
पुलिस ने आरोपों की पुष्टि के सबूत के तौर पर कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पेश की है। गौरतलब है कि 17 फरवरी को पटियाला हाउस कोर्ट में कन्हैया कुमार को लाया जा रहा था तो गेट नंबर पांच के पास उस पर हमला हुआ था।
कन्हैया का कहना था कि जिस वकील ने उस पर हमला किया था वह पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कोर्ट रूम में भी पहुंच गया था। इस मामले में पुलिस अभी जांच कर रही है।