एक और सुबूत, उमर खालिद ने ही छपवाए थे विवादित पोस्टर
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दक्षिण जिला पुलिस को जेएनयू में देशद्रोह के आरोपियों के खिलाफ एक और पुख्ता सबूत मिल गया है। आरोपियों ने बेर सराय में फोटो स्टेट की दुकान चलाने वाले व्यक्ति के यहां विवादित पोस्टर छपवाए थे।
पुलिस ने दुकान चलाने वाले व्यक्ति को पूछताछ के लिए शनिवार को बुलाया था। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुकानदार को आरोपियों के खिलाफ गवाह बनाया जाएगा। दूसरी तरफ उमर खालिद ने कहा था कि वह बाहरी लोगों को नहीं जानता। पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि उमर खालिद झूठ बोल रहा है।
जेएनयू में 9 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम के दौरान जेएनयू में काफी संख्या में विवादित पोस्टर लगाए गए थे। उन पोस्टरों में अफजल गुरू को शहीद बताया गया था। इन पोस्टरों को बेर सराय में फोटोस्टेट की दुकान चलाने वाले रियाज के यहां छपवाया गया था।
दुकान से करीब 150 से 200 पोस्टर छपवाए गए थे
बताया जा रहा है कि उमर खुद पोस्टर छपवाने गया था। उमर खालिद से पूछताछ करने के बाद पुलिस इस दुकानदार तक पहुंच गई थी। पुलिस ने शनिवार को रियाज को पूछताछ के लिए बुलाया था।
उससे आरके पुरम स्थित थाने में कई घंटे पूछताछ की गई थी। पूछताछ करने के बाद उसे छोड़ दिया गया। रियाज ने पूछताछ में बताया है कि उसकी दुकान से करीब 150 से 200 पोस्टर छपवाए गए थे।
पुलिस अब रियाज को सरकारी गवाह बनाने जा रहे है। रियाज ने इस बात को भी स्पष्ट किया है कि उमर खालिद कुछ लड़कों के साथ पोस्टर छपवाने उसकी दुकान पर आया था।
पुलिस ने रियाज की दुकान से कुछ रॉ मेटेरियल भी बरामद किया है
पुलिस ने रियाज की दुकान से कुछ रॉ मेटेरियल भी बरामद किया है। इसके अलावा पुलिस उन दुकानों की भी पहचान कर रही है, जहां पोस्टर छपवाए गए थे।
उमर के बाहरी लोगों को न जानने की बात कहने के उलट पुलिस जांच में ये बात सामने आई है कि उसने ही मैसेज कर बाहरी लोगों को बुलाया था।
पुलिस अधिकारी उमर खालिद के पूछताछ में सहयोग नहीं करने से परेशान हैं। दक्षिण जिला पुलिस ने इसकी शिकायत पुलिस आयुक्त्त भीमसेन बस्सी से की है।