फिर सुर्खियों में आया जेएनयू, रावण की जगह जलाया पीएम और रामदेव का पुतला
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दशहरे पर एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया। जहां विजयदशमी पर देशभर में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ व हाफिज सईद के चेहरों को रावण के पुतलों पर लगाकर जलाया गया, वहीं जेएनयू में एनएसयूआई ने पीएम मोदी, योग गुरु बाबा रामदेव, नत्थूराम गोडसे, योगी आदित्य नाथ, जेएनयू वीसी, साध्वी प्रज्ञा और आसाराम बापू के चेहरे पुतले पर लगाकर जलाए।
यह पुतला जेएनयू कैंपस के पास स्थित सरस्वती ढाबे के नजदीक जलाया गया। छात्रों का कहना है कि इन्हें बुराइयों के प्रतीक के रूप में मानकर ऐसा किया गया।
एनएसयूआई की जेएनयू यूनिट से जुड़े व छात्रसंघ चुनावों में उम्मीदवार रहे सन्नी धीमान ने बताया कि ऐसा करके हमने अपना अंसतोष प्रकट किया है।
पुतले पर कई लोगों के लगाए गए थे फोटो
प्रधानमंत्री के खिलाफ हमने किसी अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया। यह केंद्र सरकार की विफलता के खिलाफ प्रदर्शन था। उन्होंने कहा कि हमने विजयदशमी इसलिए चुना, क्योंकि बाबा साहेब अंबेडकर ने इसी दिन बौद्ध धर्म को अपनाया था।
हम बाबा रामदेव का सम्मान करते हैं, लेकिन अब वे बिजनेसमैन बन गए हैं। सरकार के वादे अभी तक कागजों पर हैं और इन्हें भाषणों में ही दोहराया जा रहा है।
छात्र आवाज उठाने का प्रयास करते हैं, तो प्रशासन की ओर से उन पर हमले कराए जाते हैं। हम दशहरे पर इस तरह की गतिविधियों को समाप्त करना चाहते हैं। छात्रों ने कथित तौर पर सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए।