पहले सत्र में आ सकता है जनलोकपाल बिल
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आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार अपने चुनावी वादों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश कर रही है। सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले इसी रणनीति का हिस्सा हैं। आप सरकार की नजर अब जनलोकपाल बिल पर है। सूत्र बताते हैं कि पहले विधान सभा सत्र में बिल सदन में पेश किया जा सकता है। इसके बाद गेंद केंद्र सरकार के पाले में डाल दी जाएगी।
दरअसल, जनलोकपाल बिल ‘आप’ सरकार के लिए बड़ा मुद्दा है। पिछली बार इसी मुद्दे को ढाल बनाते हुए अल्पमत की आप सरकार ने इस्तीफा दे दिया था। इस बार भी 70 बिंदुओं के चुनावी एजेंडे में सबसे ऊपर जनलोकपाल बिल को रखा गया है। आप सरकार ने अधिकारियों को सौंपी गई लिस्ट में दस दिन के भीतर ब्लू प्रिंट तैयार करने का आदेश दिया है।
पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का प्रस्ताव भी हो सकता पेश
सूत्रों की मानें तो सरकार की कोशिश उसी बिल को पास कराने की है, जो अन्ना आंदोलन के दौरान तैयार किया गया था। 49 दिन की आप सरकार ने इसकी पूरी ड्राफ्टिंग भी करवा ली थी। सरकार इसे पेश करने वाली थी, लेकिन उससे पहले इस्तीफा देना पड़ गया। इस बार फिर पार्टी ने लोकपाल बिल को रिव्यू किया। प्रचार के दौरान दावा किया गया कि अन्ना के लोकपाल को ही पास किया जाएगा।
नाम उजागर न करने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ज्यादा संभावना इसी बात की है कि सत्र के दूसरे दिन लोकपाल बिल सदन में पेश कर दिया जाए। विधानसभा से पास होने के बाद इसे केंद्र के पास भेज दिया जाएगा।
सरकार पहले सत्र में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का प्रस्ताव भी सदन में पेश कर सकती है। सूत्रों की मानें इसका प्रस्ताव तैयार है। विधानसभा के पहले सत्र में सरकार इसे सदन में पेश करने की कोशिश करेगी, जिसके बाद इसे भी केंद्र को भेज दिया जाएगा।