{"_id":"6abfc300b5d39a39330dd558","slug":"jamtara-mewat-cyber-fraud-network-busted-three-arrested-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-157601-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: जामताड़ा-मेवात साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: जामताड़ा-मेवात साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
विज्ञापन
पुलिस ने करीब 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि की
कूरियर का पता अपडेट करने के बहाने बैंक खाते में लगाई सेंध
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों नासिर हुसैन, सोकीन और आशीष आर्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी कूरियर का पता अपडेट करने के बहाने एपीके फाइल भेजकर बैंक खाते से रकम उड़ाते और फर्जी फ्यूल कार्ड के जरिए ठगी की रकम खपाते थे। एक शिकायतकर्ता से 3.97 लाख रुपये की ठगी हुई थी। पुलिस को 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का भी पता चला है।
दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि साइबर थाने की टीम ने तकनीकी और वित्तीय जांच के आधार पर आरोपियों को पकड़ा। जांच में 113 से अधिक संदिग्ध फ्यूल कार्ड सामने आए हैं। पूछताछ के बाद 150 से 200 फर्जी कार्ड तैयार किए जाने की आशंका है।
जांच में सामने आया ठगी का तरीका
पुलिस के अनुसार, सात मई को जितेंद्र कुमार गुप्ता को कूरियर पता अपडेट करने के बहाने व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी गई। फाइल खोलकर दो रुपये का भुगतान करने के लिए बैंकिंग विवरण भरने पर खाते से 3.97 लाख रुपये निकाल लिए गए। जांच में पैसे एचपीसीएल ड्राइव ट्रैक फ्यूल कार्ड में भेजे जाने का पता चला। आरोपियों ने ट्रक मालिकों के दस्तावेजों में तस्वीर-पता बदलकर फर्जी सिम से कार्ड पंजीकृत कराए और पेट्रोल पंपों के जरिए रकम खपाई। पुलिस करीब 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि कर रही है।
विज्ञापन
तीनों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका
पुलिस के अनुसार, हरियाणा के नूंह जिले का नासिर हुसैन (34) नेटवर्क का सरगना था और फ्यूल कार्ड के जरिए ठगी की रकम खपाने में उसकी भूमिका थी। राजस्थान के अलवर जिले का सोकीन (27) फर्जी सिम कार्ड की व्यवस्था करने और वीडियो केवाईसी कराने में शामिल था। वहीं, राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले का ट्राइस्टार मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड का पूर्व रिटेल बिजनेस एग्जीक्यूटिव आशीष आर्य (33) बिना दस्तावेजों का उचित सत्यापन किए फ्यूल कार्ड का नामांकन करने में शामिल था। नासिर ने आशीष को इसके लिए भुगतान करने का आरोप लगाया है, जिसकी जांच जारी है।
नासिर पर पहले भी कई मामले दर्ज, पांच फोन और 12 सिम जब्त
नासिर हुसैन के खिलाफ दिल्ली के साइबर थाने में दो अन्य प्राथमिकी दर्ज हैं। हरियाणा के रोहतक के लाखनमाजरा और नूंह के नगीना थाने में भी मामले हैं। नगीना थाने का मामला महाराष्ट्र पुलिस की टीम पर कथित हमले से जुड़ा है। महाराष्ट्र में भी एक मामला दर्ज है। पुलिस ने आरोपियों से पांच मोबाइल फोन बरामद किए। इनमें सात सिम मिले, जबकि सोकीन से पांच अतिरिक्त सिम कार्ड जब्त किए गए।
विज्ञापन
कूरियर का पता अपडेट करने के बहाने बैंक खाते में लगाई सेंध
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों नासिर हुसैन, सोकीन और आशीष आर्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी कूरियर का पता अपडेट करने के बहाने एपीके फाइल भेजकर बैंक खाते से रकम उड़ाते और फर्जी फ्यूल कार्ड के जरिए ठगी की रकम खपाते थे। एक शिकायतकर्ता से 3.97 लाख रुपये की ठगी हुई थी। पुलिस को 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का भी पता चला है।
दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि साइबर थाने की टीम ने तकनीकी और वित्तीय जांच के आधार पर आरोपियों को पकड़ा। जांच में 113 से अधिक संदिग्ध फ्यूल कार्ड सामने आए हैं। पूछताछ के बाद 150 से 200 फर्जी कार्ड तैयार किए जाने की आशंका है।
विज्ञापन
जांच में सामने आया ठगी का तरीका
पुलिस के अनुसार, सात मई को जितेंद्र कुमार गुप्ता को कूरियर पता अपडेट करने के बहाने व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी गई। फाइल खोलकर दो रुपये का भुगतान करने के लिए बैंकिंग विवरण भरने पर खाते से 3.97 लाख रुपये निकाल लिए गए। जांच में पैसे एचपीसीएल ड्राइव ट्रैक फ्यूल कार्ड में भेजे जाने का पता चला। आरोपियों ने ट्रक मालिकों के दस्तावेजों में तस्वीर-पता बदलकर फर्जी सिम से कार्ड पंजीकृत कराए और पेट्रोल पंपों के जरिए रकम खपाई। पुलिस करीब 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि कर रही है।
विज्ञापन
तीनों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका
पुलिस के अनुसार, हरियाणा के नूंह जिले का नासिर हुसैन (34) नेटवर्क का सरगना था और फ्यूल कार्ड के जरिए ठगी की रकम खपाने में उसकी भूमिका थी। राजस्थान के अलवर जिले का सोकीन (27) फर्जी सिम कार्ड की व्यवस्था करने और वीडियो केवाईसी कराने में शामिल था। वहीं, राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले का ट्राइस्टार मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड का पूर्व रिटेल बिजनेस एग्जीक्यूटिव आशीष आर्य (33) बिना दस्तावेजों का उचित सत्यापन किए फ्यूल कार्ड का नामांकन करने में शामिल था। नासिर ने आशीष को इसके लिए भुगतान करने का आरोप लगाया है, जिसकी जांच जारी है।
नासिर पर पहले भी कई मामले दर्ज, पांच फोन और 12 सिम जब्त
नासिर हुसैन के खिलाफ दिल्ली के साइबर थाने में दो अन्य प्राथमिकी दर्ज हैं। हरियाणा के रोहतक के लाखनमाजरा और नूंह के नगीना थाने में भी मामले हैं। नगीना थाने का मामला महाराष्ट्र पुलिस की टीम पर कथित हमले से जुड़ा है। महाराष्ट्र में भी एक मामला दर्ज है। पुलिस ने आरोपियों से पांच मोबाइल फोन बरामद किए। इनमें सात सिम मिले, जबकि सोकीन से पांच अतिरिक्त सिम कार्ड जब्त किए गए।