Jamia Millia Islamia : जामिया में सुरक्षा बढ़ाई, प्रदर्शन कर रहे 14 छात्र हिरासत में... बाद में छोड़ा
पूछताछ करने के बाद छात्रों को छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 14 छात्रों को पड़ककर पुलिस को सौंपा था।
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पुलिस ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में पीएचडी के दो छात्रों पर विश्वविद्यालय की अनुशासनात्मक कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे 14 छात्रों को बृहस्पतिवार सुबह हिरासत में ले लिया। पूछताछ करने के बाद छात्रों को छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 14 छात्रों को पड़ककर पुलिस को सौंपा था।
पुलिस से रिहा होने के बाद छात्रों ने जामिया नगर थाने के घेराव की काल की थी। हालांकि, देर शाम तक छात्र जामिया नगर थाने के आसपास नहीं पहुंचे थे। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त रवि कुमार सिंह ने बताया कि इलाके में देर रात शांतिपूर्ण माहौल बना हुआ था।
इससे पहले पीएचडी छात्रों को पिछले साल विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया था। इस कार्रवाई के खिलाफ सोमवार को प्रदर्शन शुरू हुआ। इसमें छात्रों ने प्रशासन के इस कदम की निंदा की। विश्वविद्यालय ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने सेंट्रल कैंटीन समेत विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और सुरक्षा सलाहकार के कार्यालय का दरवाजा तोड़ दिया। इससे प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय ने छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने के लिए पुलिस से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 14 छात्रों को पकड़ कर सुबह पुलिस को सौंप दिया। उसके बाद पुलिस ने छात्रों को हिरासत में ले लिया। इसके अलावा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिसर के बाहर काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिया गया।
विश्वविद्यालय से प्राप्त एक बयान को साझा करते हुए एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि 14 से अधिक छात्रों को हिरासत में लिया गया। कहा कि कुछ छात्रों ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया और 10 फरवरी की शाम को शैक्षणिक ब्लॉक में अवैध रूप से इकट्ठा हुए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि तब से उन्होंने न केवल कक्षाओं के शांतिपूर्ण संचालन में बाधा पहुंचाई है, बल्कि अन्य छात्रों को सेंट्रल लाइब्रेरी तक पहुंचने और कक्षाओं में भाग लेने से भी ऐसे समय में रोका जब मध्य सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। प्रदर्शनकारी छात्र प्रदर्शनों में भाग लेने वाले छात्रों के खिलाफ भविष्य में कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने की मांग कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति 25 फरवरी को बैठक करेगी, जिसमें 15 दिसंबर 2024 को जामिया प्रतिरोध दिवस के आयोजन में पीएचडी के दो छात्रों की भूमिका की समीक्षा की जाएगी। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ 2019 में हुए प्रदर्शनों की बरसी पर हर साल जामिया प्रतिरोध दिवस मनाया जाता है। जामिया नगर थाने में जामिया मीलिया प्रशासन की शिकायत पर बुधवार को मामला दर्ज किया गया था।