छात्रों पर पुलिस बर्बरता के दो कथित वीडियो आए सामने, उठने लगे सवाल, जामिया प्रशासन ने नकारा
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जामिया मिलिया इस्लामिया में पिछले साल 15 दिसंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्थित लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं पर सुरक्षाबल जमकर डंडे बरसा रहे हैं। जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी ने इस वीडियो को जारी किया है। हालांकि इसमें नाटकीय मोड़ आ गया है।
दरअसल जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने अपना बयान जारी करते हुए कहा है कि कथित वीडिया हमने जारी नहीं किया है। यूनिर्सिटी के जन संपर्क अधिकारी अहमद अजीम ने कहा, ‘हमारे संज्ञान में आया है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया के डॉ. जाकिर हुसैन लाइब्रेरी में पुलिस बर्बरता के बारे में कोई वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। यह स्पष्ट किया जाता है कि इस वीडियो को विश्वविद्यालय ने जारी नहीं किया है।’
वहीं, यह वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी पार्टियां भी सरकार के खिलाफ आक्रमक होती नजर आ रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि अगर इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो सरकार की नीयत पूरी तरह से देश के सामने आ जाएगी।
वहीं इस पूरे मामले पर बीजेपी आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने एक अन्य वीडियो ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी में मास्क लगाए स्टूडेंट्स, बंद किताबों से पढ़ते हुए। आराम से बैठने और पढ़ने की जगह बार-बार एंट्रेस गेट की तरफ देख रहे हैं। मालवीय ने सवाल करते हुए कहा कि क्या ये पत्थरबाजी के बाद लाइब्रेरी में छुपने की कोशिश कर रहे हैं?
बता दें कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो जारी हुआ है उसे जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी (जेसीसी) ने जारी किया है और यह जामिया मिल्लिया इस्लामिया के वर्तमान और पूर्व छात्रों का संगठन है। जेजेसी द्वारा वीडियो जारी कर दावा किया है कि 15 दिसंबर को जिस वक्त हिंसक प्रदर्शन हुआ उस वक्त सुरक्षाबल जामिया मिलिया इस्लामिया प्रशासन की अनुमति के बगैर कैंपस घुस गए।
यहां लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे सौ से अधिक छात्र-छात्राओं पर जमकर लाठी बरसाईं। छात्रों के मुताबिक, पुलिस ने शौचालयों में जाकर भी लाठीचार्ज किया। इसमें कई छात्रों को गंभीर चोट आई है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छात्र लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे हैं, इसी दौरान लाइब्रेरी में सुरक्षाबल आते हैं और छात्रों पर लाठी बरसाना शुरू कर देते हैं। साफ दिखाई दे रहा है कि पुलिस ने लाइब्रेरी में बर्बरता की। गौरतलब है कि जामिया मिलिया इस्लामिया का जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी से कोई संबंध नहीं है।
Exclusive CCTV Footage of Police Brutality in Old Reading Hall, First floor-M.A/M.Phill Section on
— Jamia Coordination Committee (@Jamia_JCC) February 15, 2020
15/12/2019
Shame on you @DelhiPolice @ndtvindia @ttindia @tehseenp @RanaAyyub @Mdzeeshanayyub @ReallySwara @ANI @CNN @ReutersIndia @AltNews @BBCHindi @the_hindu @TheQuint @BDUTT pic.twitter.com/q2Z9Xq7lxv
इसके बाद छात्राओं ने सोशल मीडिया पर ऑडियो और वीडियो अपलोड कर विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस आयुक्त से मदद मांगी थी। इसी से विश्वविद्यालय प्रशासन को लाइब्रेरी में पुलिस के आंसू गैस और लाठीचार्ज की जानकारी मिली थी। उन्होंने तुरंत पुलिस अधिकारियों से कैंपस से बाहर जाने का आदेश दिया था।
बिना अनुमति कैंपस में घुसी पुलिस: चीफ प्रोक्टर
जामिया के चीफ प्रोक्टर वसीम अहमद खान ने आरोप लगाया था कि पुलिस बिना अनुमति कैंपस में घुसी और शिक्षकों व पढ़ाई कर रहे छात्रों को पीटा व उन्हें वहां से बाहर निकाल दिया। विश्वविद्यालय की वीसी नजमा अख्तर ने घटना की निंदा करते कहा कि जो छात्र लाइब्रेरी में थे, उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
Special Commissioner (Crime) Praveer Ranjan: We have taken cognizance of the latest video(of December 15) of Jamia Millia Islamia University(library) which has surfaced now, we will investigate it. #Delhi pic.twitter.com/Zi6A5eASNk
— ANI (@ANI) February 16, 2020
वहीं, कांग्रेस ने भी वीडियो को ट्वीट करते हुए कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि देखिए कैसे दिल्ली पुलिस पढ़ने वाले छात्रों को अंधाधुंध पीट रही है। एक लड़का किताब दिखा रहा है लेकिन पुलिस वाला लाठियां चलाए जा रहा है। गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने झूठ बोला कि उन्होंने लाइब्रेरी में घुसकर किसी को नहीं पीटा।
इस वीडियो को देखने के बाद जामिया में हुई हिंसा को लेकर अगर किसी पर एक्शन नहीं लिया जाता तो सरकर की नीयत पूरी तरह से देश के सामने आ जाएगी।
देखिए कैसे दिल्ली पुलिस पढ़ने वाले छात्रों को अंधाधुंध पीट रही है। एक लड़का किताब दिखा रहा है लेकिन पुलिस वाला लाठियां चलाए जा रहा है।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) February 16, 2020
गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने झूठ बोला कि उन्होंने लाइब्रेरी में घुस कर किसी को नहीं पीटा।..1/2 pic.twitter.com/vusHAGyWLh
..इस वीडियो को देखने के बाद जामिया में हुई हिंसा को लेकर अगर किसी पर एक्शन नहीं लिया जाता तो सरकर की नीयत पूरी तरह से देश के सामने आ जाएगी। 2/2
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) February 16, 2020