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जगदीश मुखी की पत्नी हुईं कनफ्यूज, रिश्ते बने मुसीबत

Mon, 02 Feb 2015 09:04 AM IST
Updated Mon, 02 Feb 2015 09:04 AM IST
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Jagdish mukhi seat is in trouble in delhi election

पश्चिमी दिल्ली की जनकपुरी सीट पर पांच बार भाजपा का परचम लहराने वाले जगदीश मुखी की इस बार राह कठिन हो गई है।

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मुखी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले उनके दामाद सुरेश कुमार ने उनके सामने ही कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोक मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। ससुर-दामाद की लड़ाई में मां-बेटी (मुखी की पत्नी व सुरेश की पत्नी) दोनों ही असंमस में है कि आखिर वे किस का साथ दे।

उधर पिछले चुनावों में मात्र 2644 वोट से हारने वाले आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी राजेश ऋषि ने पहले ही मुखी की नाक में दम कर रखा है। यानि इस सीट पर भाजपा-कांग्रेस व आप की सीधी टक्कर है।
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जनकपुरी विधानसभा में लाख वोटर है। इस सीट पर हमेशा से ही भाजपा का दबदबा रहा है। यही कारण है कि वर्ष 1993 में जीत हासिल कर जगदीश मुखी भाजपा की पहली सरकार में मंत्री रहे।
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पहली बार मुखी को मिली टक्कर

Jagdish mukhi seat is in trouble in delhi election

इसके बाद के तीन चुनावों में भी उन्होंने आसानी से जीत हासिल कर अपना नाम भाजपा के संभावित मुख्यमंत्रियों की सूची में शामिल करवा लिया। वर्ष 2008 के चुनावों में उन्होंने कांग्रेसी की प्रत्याशी दीपक अरोड़ को 16433 भारी मतों से हरा कर चौथी बार जीत हासिल की। इस चुनाव तक उनका मुकाबला हमेशा सीधे कांग्रेस से ही रहा है।

वर्ष 2013 के चुनावों में तस्वीर बदल गई। पहली बार मैदान में उतरी आप के प्रत्याशी राजेश ऋषि ने कांग्रेस को पीछे छोड़ मुखी को कड़ी टक्कर दी। इन चुनावों में हालांकि कांग्रेस ने डूसू चुनावों में अध्यक्ष रही रागनी नायक पर दावं खेला था लेकिन वे भी मैदान में टिक नहीं सकी।

वर्तमान चुनावों में जहां मुखी के लिए लगातार छटी बार जीत हासिल कर रिकार्ड बनाने की चुनौती है वहीं उनके घर से ही उन्हें चुनौती मिल गई है। हर चुनाव में मुखी की नांव के खवैया बने उनके दामाद सुरेश कुमार ने उनका हाथ छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया। चुनाव में ससुर-दामाद का मुकाबला हो गया। इन दोनों प्रत्याशियों के बीच मां-बेटी असंमस में आ गई।

मुखी की पत्नी हुईं कनफ्यूज

Jagdish mukhi seat is in trouble in delhi election

मुखी की पत्नी को समझा नहीं आ रहा कि वह पति का साथ दे या दामाद का। वहीं यही हालत उनकी बेटी की है। वे तय नहीं कर पा रही कि जिस पिता ने हमेश उनके सिर पर हाथ रखा वे अब उनका साथ दे या फिर जन्म भर साथ रहने का वायदा करने वाले पति का।

उधर ससुर-दामाद की लड़ाई में आप प्रत्याशी राजेश ऋषि उनके वोटों में सेंघ मारने की तैयारी में जुड़ कर 2644 मतों के अंतर को पाटने में जुटे है। अब सात फरवरी को देखना है कि मतदाता ससुर-दामाद में से किसी को चुनते है या फिर आप के अंतर को भरते है।

इलाके में हालकि तीन पार्टियां मैदान मेंहै लेकिन ससुर-दामाद की लड़ाई ने चर्चा का विषय बना दिया है। हर तरफ एक ही चर्चा है कि इस बार ससुर मैदान मारेगा या फिर दामाद। वहीं यह भी चर्चा गर्म है कि कहीं इस लड़ाई में दोनों ही बाहर न हो जाए।

पिछले चुनावों में किस पार्टी को कितने वोट

Jagdish mukhi seat is in trouble in delhi election

वर्ष 2008 के चुनाव
दल------------------------------------------------उम्मीवार----------------------------------------वोट
भाजपा------------------------------------------जगदीश मुखी------------------------------------50624
कांग्रेस------------------------------------------दीपक अरोड़ा--------------------------------------33191

वर्ष 2013 के चुनाव
दल---------------------------------------------उम्मीवार-----------------------------------------वोट
भाजपा----------------------------------------जगदीश मुखी------------------------------------42886
आप------------------------------------------राजेश ऋषि--------------------------------------40242
कांग्रेस----------------------------------------रागनी नायक------------------------------------17191

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