Delhi: स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी, ISIS का तीन लाख का इनामी आतंकी रिजवान गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने आईएसआईएस मॉड्यूल का आतंकी गिरफ्तार किया है। आईएसआईएस मॉड्यूल के आतंकवादी की पहचान रिजवान अली के रूप में हुई है।जांच एजेंसी एनआईए ने उस पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। रिजवान दिल्ली के दरियागंज का रहने वाला है।
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स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। आतंकी घटना को अंजाम देने के इरादे से दिल्ली के वीवीआईपी इलाकों की रेकी करने वाला आईएसआईएस आतंकी रिजवान अली पुलिस के हत्थे चढ़ गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पुणे मॉड्यूल के इस आतंकी को तुगलकाबाद से गंगा बक्श मार्ग स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क के नजदीक से गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया। रिजवान के पास से प्वाइंट 30 बोर की स्टार पिस्टल, तीन कारतूस व दो मोबाइल बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिजवान एनआईए का मोस्ट वांटेड आतंकी है और उस पर तीन लाख का इनाम रखा हुआ था। एनआईए, पुणे पुलिस व स्पेशल सेल करीब डेढ़ साल से रिजवान की तलाश कर रही थी। रिजवान के खिलाफ एनआईए में दो मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 30 साल का रिजवान अली दरियागंज के फैज बाजार का रहने वाला है। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में पता चला कि रिजवान अपने साथियों के साथ दिल्ली के कई वीआईपी इलाकां की रेकी कर चुका है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वह दिल्ली में कोई बड़ी आतंकी हमला करने की साजिश रच रहा था।
पिछले साल आईईडी बनाकर टेस्टिंग की थी
अधिकारिक सूत्रों का कहना है शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि रिजवान समेत पुणे मॉड्यूल के इसके सहयोगी आतंकियों ने पिछले साल दिल्ली के कई जगहों पर जंगल में आईईडी बनाकर उसकी टेस्टिंग की थी। हालांकि, इसको उस वक्त इसमें कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद यह पुणे भाग गया था।
आईएसआई के निर्देश पर लश्कर-ए-तैयबा ने की थी भर्ती
रिजवान ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इस माॅड्यूल के आतंकियों की आईएसआईएस के लिए काम करने की बात कहकर इनकी ऑनलाइन भर्ती की थी। इस मॉड्यूल के सात आतंकियों की अब तक गिरफ्तारी हो चुकी है। उसने बताया कि हैदराबाद के कुरमागुडा का रहने वाला फरहतुल्ला गौरी पिछले कई साल ने पाकिस्तान में छिपा है। लश्कर ने उसे अपना हैंडलर बनाया है। हैंडलर फरहतुल्ला गौरी व शाहिद फैसल ने आईएसआई के निर्देश पर आईएसआईएस के लिए पुणे मॉड्यूल की ऑनलाइन भर्ती की थी। ऐसा इसलिए किया था ताकि आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की जगह आईएसआईएस का नाम सामने आए।
भर्ती होने के बाद मॉड्यूल ने पहले पुणे में ठिकाना बनाया
अभी तक की जांच में पता चला है कि भर्ती होने के बाद इस मॉड्यूल ने पहले पुणे में अपना ठिकाना बनाया। आतंकियों ने वहां दूसरे की प्रॉपर्टी पर कब्जा कर उसे बेचकर पैसे जमा किए। फिर उन पैसों का इस्तेमाल जेहाद के लिए किया। आतंकियों ने वाहन चोरी कर आपराधिक वारदात करना शुरू किया। करीब डेढ़ साल पहले पुणे पुलिस ने चोरी के वाहन के साथ इमरान व युनूस साकी को गिरफ्तार कर लिया था जबकि रिजवान अली वहां से फरार हो गया। उसके बाद से वह फरार था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुणे एटीएस के इनपुट पर स्पेशल सेल ने पिछले साल अक्तूबर में पुणे मॉड्यूल के तीन आतंकियों मोहम्मद शाहनवाज को जैतपुर, मोहम्मद रिजवान अशरफ को लखनऊ व मोहम्मद अरशद वारसी को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया था। एनआईए ने शाहनवाज पर तीन लाख का इनाम घोषित किया था। 2018 में तीनों जामिया नगर में एक साथ रहे थे तभी से तीनों एक दूसरे को जानते थे। रिजवान अली उस दौरान शाहनवाज की बहन, पत्नी व अपनी पत्नी को लेकर दिल्ली से भागने में कामयाब हो गया था।