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Delhi: जन सुविधा परिसरों में शौचालय निर्माण में हो रही अनियमितता, कांग्रेस ने आप सरकार पर लगाया आरोप
Tue, 20 Sep 2022 11:02 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Tue, 20 Sep 2022 11:02 PM IST
सार
दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इस सिलसिले में एलजी वीके सक्सेना को ज्ञापन सौंपा। इसमें दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डुसिब) की ओर से जन सुविधा परिसरों के संचालन, प्रबंधन और रखरखाव में अनियमितता की शिकायत दी।
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सार्वजनिक शौचालय
- फोटो : Edtrail
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विस्तार
जन सुविधा परिसरों के संचालन, प्रबंधन, रखरखाव और टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दिल्ली कांग्रेस ने उपराज्यपाल से जांच की मांग की है।
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मंगलवार शाम दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इस सिलसिले में एलजी वीके सक्सेना को ज्ञापन सौंपा। इसमें दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डुसिब) की ओर से जन सुविधा परिसरों के संचालन, प्रबंधन और रखरखाव में अनियमितता की शिकायत दी। इसमें मंत्री से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इस मामले की जांच की मांग की गई है। उपराज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि डुसिब ने परंपरागत रुप से ई-प्रोक्यूरमेंट वेबसाईट से टेंडर को बदलकर जीईएम पोर्टल से दूसरी कंपनी को सौंपने के लिए आवेदक बनाया। इसके तहत 118.80 करोड़ की लागत से 559 जन सुविधा परिसरों में 18,620 शौचालयों के निर्माण के लिए सौंपने की तैयारी की। कंपनी बोर्ड की ओर से प्रतिबंधित किए जाने के बाद कंपनियों को छोटे छोटे टेंडर जारी किए जाते थे।
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उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया ने खुद खराब प्रदर्शन के कारण 27 जनवरी 2022 को इस कंपनी को प्रतिबंधित किया था। उच्च न्यायालय से भी क्लीन चिट नहीं मिली, बावजूद इसके लिए टेंडर को क्यों नहीं खारिज किया गया। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में सवाल उठाते हुए जनसुविधा परिसरों के संचालन, प्रबंधन और टेंडर प्रक्रिया की विस्तृत जांच की मांग की है।