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भारत के मेडिकल टूरिज्म को इराक का झटका

Fri, 20 Jun 2014 11:56 AM IST
Updated Fri, 20 Jun 2014 11:56 AM IST
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Iraq condition could effect medical tourism in India

इराक के मौजूदा हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में भारत के मेडिकल टूरिज्म को झटका लग सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इराक और उसके आसपास के देशों से हर माह करीब एक हजार मरीज इलाज के लिए भारत का रुख करते हैं।

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इनमें से लगभग आठ सौ मरीज एनसीआर में इलाज कराना पसंद करते हैं। जबकि करीब दो सौ मरीज मुंबई और बंगलूरू जैसे शहरों में स्वास्थ्य लाभ करने जाते हैं।

इराक में हालात नहीं बदले तो वहां से आने वाले मरीजों की संख्या में भारी कमी आ सकती है जिससे करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होने की आशंका है।

हालात नहीं सुधरे तो राजस्व में होगी ग‌िरावट

Iraq condition could effect medical tourism in India

विशेषज्ञों के मुताबिक इराक के कई हिस्सों में आतंकियों के कब्जे की वजह से वहां के मरीज इलाज के लिए भारत नहीं आ रहे हैं। बीते एक सप्ताह के दौरान इराक व ओमान से आने वाले मरीजों की संख्या में कमी देखी जा रही है।

रॉकलैंड ग्रुप के इंटरनेशनल बिजनेस डायरेक्टर सुनील कपूर ने बताया कि प्रति माह इराक, ईरान और ओमान से करीब 800 से 1000 मरीज इलाज के लिए भारत आते हैं। एक मरीज से औसतन दो से सवा दो लाख रुपये राजस्व की प्राप्ति होती है।

लेकिन इन दिनों इराक और उसके आसपास के देशों में हालात खराब होने से भारतीय डॉक्टर वहां के अस्पताल में कंसल्टेंसी के लिए नहीं जा पा रहे हैं। साथ ही वहां से मरीज भी इलाज के लिए भारत नहीं आ पा रहे हैं। हालात नहीं बदले तो इराक से इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में 80 से 85 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है।

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30-35 फीसदी मरीज होते हैं भारत रेफर

Iraq condition could effect medical tourism in India

इराक में ‌इस तरह के हालत पर जानकारों का कहना है कि भारत के कई बड़े अस्पतालों का दूसरे देशों के अस्पतालों के साथ करार है। जिसके तहत भारतीय डॉक्टर विदेशी अस्पतालों के ओपीडी में इलाज करने जाते हैं।

वहां मरीजों को देखने के बाद जरूरत के अनुसार उनको बेहतर इलाज या सर्जरी के लिए भारत आने की सलाह दी जाती है। एक अनुमान के मुताबिक ऐसे मामलों में करीब 30 से 35 फीसदी मरीजों को इलाज के लिए भारत रेफर किया जाता है।

वहीं एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की इंटरनेशनल मार्केट हेड नेहा पांडेय का कहना है कि आने वाले दिनों में इराक के हालात का असर भारत के मेडिकल टूरिज्म में देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में इलाज करा रहे इराक के मरीज जल्द से जल्द वतन वापसी चाहते हैं।

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