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वेरिफिकेशन में उलझे डेथ-बर्थ सर्टिफिकेट
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 28 Jun 2014 03:47 PM IST
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अब जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए भी पुलिस वेरिफिकेशन में फंस रहे हैं। जांच में महीनों तक फंसे रहने की वजह से प्रमाण पत्र हासिल करने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। परेशान आवेदकों को कभी नगर निगम के तो कभी जनसुविधा केंद्र के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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फर्जीवाड़ा पर अंकुश लगाने के लिए नगर विकास विभाग ने वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है। जनसुविधा केंद्र में ऑनलाइन आवेदन के बाद यह नगर निगम के पास और फिर यहां से थाने में जांच जाती है।
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पुलिसकर्मी अपनी रिपोर्ट निगम को भेजता है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके यादव ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक प्रमाण पत्र जारी करने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य हो गया है। प्रक्रिया लंबी तो हुई है, लेकिन इसमें धांधली होने की संभावना नहीं रहती।
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कोशिश की जा रही है कि इस प्रक्रिया को और तेज किया जाए।