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जाली नोट छापकर सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, गैंग के चार गिरफ्तार
Sun, 06 Sep 2020 06:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 06 Sep 2020 06:10 AM IST
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बरामद नोट...
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोटों की छपाई और सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय गिंरोह का खुलासा किया है। शनिवार को पकड़े गए गिरोह के चार बदमाशों की पहचान पीलीभीत निवासी अजीम खान, अकील अहमद, डॉक्टर अकील अहमद और नितिन पटेल के रूप में हुई है।
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चारों के कब्जे से 1.34 लाख रुपये कीमत के नकली नोट बरामद हुए हैं। गिरोह बीते 8 वर्ष से एनसीआर में सक्रिय था और अब तक करीब 25 लाख रुपये कीमत के नकली नोट खपा चुका है। गिरोह के पास से 20 हजार अर्द्धनिर्मित नकली नोट, स्कैनर, प्रिंटर, लकड़ी के फ्रेम, स्याही, टेप, कटर और अन्य सामान बरामद हुए हैं।
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स्पेशल सेल दिल्ली एनसीआर में सक्रिय नकली नोट के तस्करों पर काफी दिनों से निगरानी रख रही थी। टीम को सूचना मिली कि पीलीभीत का गिरोह दिल्ली व एनसीआर में नकली नोट का सप्लाई करता है।
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पुलिस ने 30 अगस्त को अजीम खान और अकील अहमद को आनंद विहार से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि इनके दो सहयोगी हैं जो पीलीभीत में नकली नोट छापते थे। शनिवार को पीलीभीत में छापा मारकर डॉक्टर अकील अहमद और मुख्य आरोपी नितिन पटेल को गिरफ्तार कर लिया।
घर में ही छापते थे नकली नोट
गिरोह के बदमाश वर्ष 2012 से नकली नोट छापने और उसकी तस्करी में लिप्त हैं। आरोपी अकील अहमद ने अपने सहयोगी डॉक्टर अकील अहमद के साथ नकली नोट की तस्करी का काम शुरू किया। वर्ष 2019 में अकील अहमद ने अपने बचपन के दोस्त अजीम खान को गिरोह में शामिल कर लिया। डॉक्टर अकील अहमद और नितिन अपने घर में नोट छापने का उपकरण लगाकर नकली नोट तैयार करने लगे।
दसवीं पास हैं आरोपी डॉक्टर
जांच में पता चला कि नकली नोट की तस्करी में पकड़ा गया डॉक्टर अकील 10वीं पास है। वर्ष 2010 में वह अपने गांव के एक क्लीनिक में कंपाउंडर था। 2015 में डॉक्टर के मृत्यु के बाद अकील क्लीनिक को चलाता रहा और कुछ साल में उस इलाके का जाना माना डॉक्टर बन गया। मौज मस्ती वाली जिंदगी जीने के लिए उसने नितिन पटेल के साथ मिलकर नकली नोट बनाने का धंधा शुरू किया।
नितिन नकली नोट के मामले में जेल में बंद हुआ था और जमानत पर बाहर आया था। नितिन ने बीएससी की पढ़ाई अधूरी छोड़कर पिता के साथ पीलीभीत के मंडी में काम करने लगा। वर्ष 2019 में पीलीभीत की कोतवाली पुलिस ने नितिन, उसकी पत्नी और दो अन्य लोगों के साथ नकली नोट की तस्करी में गिरफ्तार किया था।