फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Intermediate toppers share story from struggle to success

इंटरमीडिएट के टॉपर्स से बातचीत: किसी के पापा ने हौसला बढ़ाया तो किसी को IAS है बनना, पढ़ें सफलता की कहानी

Sat, 20 Apr 2024 11:03 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, दादरी
अमर उजाला नेटवर्क, दादरी Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 20 Apr 2024 11:03 PM IST
सार

छात्रा निधि रानी ने इंटरमीडिएट में 93.80 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में टॉप किया। टॉपर निधि का सपना आईएएस अफसर बनना है। अफसर बनकर वो गरीब लोगों की मदद करना चाहती है।

विज्ञापन
Intermediate toppers share story from struggle to success
निधी माता-पिता के साथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी बोर्ड परीक्षा के टॉपर्स की राह में बाधाएं तो बहुत आईं, मगर उन्होंने सभी मुश्किलों को मात दी। लक्ष्य को पाने के लिए अनुशान और धैर्य को हथियार बनाकर होनहार आगे बढ़ते रहे। इनमें से कोई छात्र गरीब की आंच में तपकर खरे सोने सा चकमा तो कोई अपनों से दूर रहकर घर से बाहर रहकर अपने संकल्प को पूरा करने के लिए दिन-रात लगा रहा। आइए जानते हैं गौतमबुद्ध नगर की सफलता की कुछ प्रेरणादायक कहानियां।

विज्ञापन


आईएएस अफसर बनकर करनी है गरीबों की मदद: निधि
गौतमबुद्ध नगर जिले के दादरी स्थित मिहिर भोज बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा निधि रानी ने इंटरमीडिएट में 93.80 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में टॉप किया। टॉपर निधि का सपना आईएएस अफसर बनना है। अफसर बनकर वो गरीब लोगों की मदद करना चाहती है। निधि मूलरूप से बरेली की रहने वाली है। उसने हाईस्कूल में भी 86.6 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। वो दो साल से मिहिर भोज बालिका इंटर कॉलेज से पढ़ाई की। निधि ने बताया कि वो रोजाना करीब 15 घंटे पढ़ती थी। इस बीच मम्मी-पापा के साथ परिवार का भी पूरा सहयोग मिला। ट्यूशन से भी पढ़ाई की। निधि के पिता राजीव कुमार एक निजी कॉलेज में नौकरी करते है। जबकि मां कमलेश निजी स्कूल में अध्यापिका है।
विज्ञापन


विदेश में रहकर भी पापा ने बढ़ाया हौसला
इंटरमीडिएट की परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल करने वाली एसआरएस इंटर कॉलेज की छात्रा विधि का सपना इंजीनियर बनना है। निधि ने बताया कि उसके चचेरे भाई इंजीनियर है। उसी से इंजीनियर बनने की प्रेरणा मिली। पापा जितेंद्र शर्मा रुस में काम करते हैं। जबकि मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। मम्मी ने पूरा सहयोग किया। घर का काम भी नहीं करने देती थी। जबकि पिता विदेश में बैठकर हौंसला बढ़ाते रहे। जब भी फोन पर बात करते थे तो मेहनत करने को जरुर बोलते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आईआईटी के साथ अफसर बनने की तैयारी: नीरज
शिवराज इंटर कॉलेज के छात्र नीरज सोलंकी ने इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। मूलरूप से खुर्जा के गांव धरारी के रहने वाले नीरज अपने मामा के घर पर रहकर पढ़ाई कर रहे है। उनके मामा धीरज व सतीश सिकंद्राबाद के गांव अलौदा जागीर में है। नीरज ने बताया कि खुर्जा से रोजाना 10 किमी स्कूल आना मुश्किल था। साइकिल से आने में दिक्कत होती थी। इस कारण मामा के घर आ गया। उसका सपना आईआईटी में दाखिला लेने के साथ सिविल सर्विसेज की तैयार कर अफसर बनना है। उसकी बनह भी सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही है। नीरज को हाईस्कूल में 90 प्रतिशत अंक मिले थे। पिता छोटेलाल खेती करते है। जबकि मां सत्यवती गृहिणी हैं। नीरज के तीन बहन व दो भाई है। वो सबसे छोटा है।

टायर पंचर लगाने वाले की बेटी ने छुआ आसमान
इंटरमीडिएट की परीक्षा में छात्रा पलक ने जिले में आठवां स्थान हासिल किया है। पलक के पिता मनोज तोमर की दादरी में अच्छेजा के पास जीटी रोड पर टायर मरम्मत की दुकान है। जबकि मां सुषमा तोमर गृहिणी हैं। वो तीन बहनें और एक भाई हैं। पिता ने पूरी मेहनत कर बेटी को पढ़ाया। अब पलक का सपना आईपीएस अफसर बनना है। सोशल मीडिया पर आईपीएस का रुतबा देखकर पलक ने अफसर बनने का सपना देखा है। वो रोजाना 10 घंटे पढ़ती थी। परीक्षा के दौरान उनके दादा जयपाल सिंह की मौत हो गई थी, लेकिन वो हौंसला नहीं हारी। उनकी बहन अंजलि लैब का काम करती हैं। जबकि भाई डी-फार्मा का कोर्स कर रहा है। मिहिर भोज बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा महक का सपना भी आईएएस बनना है। उसके पिता गजेंद्र सिंह चालक हैं। जबकि मा कुसुम देवी निजी कंपनी में नौकरी करती हैं।


पिता किसान मां गृहिणी बेटे ने टॉप किया जिला
दनकौर क्षेत्र में स्पोर्ट्स सिटी से सटा हुआ गुनपुरा गांव के तनिश भड़ाना ने हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में 600 में से 575 अंक लाकर जिले में पहला स्थान हासिल किया है। पिता यशपाल गांव में खेती करते है और मां घर का काम संभालती है। तनिश तीन भाई बहनों में सबसे बड़ा है। नवादा गांव के एसडीएस स्कूल का छात्र है। उसका गणित व विज्ञान पसंदीदा विषय है। तनिश की कामयाबी से गांव परिवार व स्कूल में खुशी का माहौल है। उसने सफलता का श्रेय अपने शिक्षक व परिवार को दिया है। स्कूल में करीब 2 घंटे की एक्स्ट्रा क्लास में की हुई पढ़ाई के बाद अलग से कोई ट्यूशन क्लास नही लेनी पड़ी। तनिस ने बताया कि वह करीब 6 घंटे पढ़ाई करता था। सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करना चाहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed