‘उड़ता पंजाब’ के विवादित प्रोमो को यू ट्यूब व साइटों से हटाने का निर्देश
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हाईकोर्ट ने विवादों में आई फिल्म उड़ता पंजाब के निर्माता को मुंबई हाईकोर्ट के निर्देशानुसार प्रोमो में आपत्तिजनक दृश्य को हटाने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि निर्माता यह सुनिश्चित करें कि दृश्य यू ट्यूब की तरह ऑनलाइन साइटों से भी वापस ले लिए जाएं।
न्यायमूर्ति सुनील गौड़ व न्यायमूर्ति पीएस तेजी की खंडपीठ ने फिल्म के निर्माता को निर्देश दिया कि अपने स्तर पर ऑन लाइन प्रोमो को वापस लें। उन्हें मुंबई हाईकोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए। मुंबई हाईकोर्ट ने एक दृश्य को हटाने के बाद फिल्म को रिलीज करने की इजाजत प्रदान कर दी थी।
खंडपीठ ने इस निर्देश के बाद पंजाब स्थित गैर सरकारी संगठन, मानवाधिकार जागरूकता एसोसिएशन नामक एनजीओ द्वारा दायर याचिका का निपटारा कर दिया। याची ने कहा था कि सेंसर बोर्ड फिल्म को प्रमाणपत्र देने से पहले इस मुद्दे पर सुनवाई करे और इस आपत्तिजनक प्रोमो को हटाया जाए।
अन्य तर्कों को मानने से इंकार कर दिया
अदालत ने मात्र आपत्तिजनक प्रोमो को हटाने का निर्देश देते हुए याची के अन्य तर्कों को मानने से इंकार कर दिया। अदालत ने कहा कि मुंबई हाईकोर्ट के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है, ऐसे में वहीं सुनवाई की जाएगी।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की और से पेश अधिवक्ता राजेश गोगना ने अदालत को बताया कि फिल्म प्रमाणन सेंट्रल बोर्ड (सीबीएफसी) मुंबई हाईकोर्ट के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में अपील नहीं कर रहा।
इस फिल्म के रिलीज के लिए प्रमाणपत्र दिया जा रहा है। मुंबई हाई कोर्ट ने 13 जून को फिल्म से एक विवादित सीन को हटाने का निर्देश देते हुए प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया था।