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वाहनों की हाईस्पीड से थम रही सासों की रफ्तार, भारी भरकम चालान का भी नहीं असर, डरावने हैं आंकड़े

Wed, 16 Oct 2019 09:57 AM IST
पूजा त्रिपाठी राहुल सक्सेना, अमर उजाला, गाजियाबाद
राहुल सक्सेना, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 16 Oct 2019 09:57 AM IST
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Instead of New motor vehicle act high speed of vehicle taking many lives data horrifies
दुर्घटना का एक दृश्य - फोटो : amar ujala

नया मोटर व्हीकल एक्ट सबके सामने है। ट्रैफिक नियम तोड़ने पर भारी भरकम जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। चालान के साथ-साथ जेल का रास्ता भी खोल दिया गया है।

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मगर इस सबके बावजूद वाहनों की रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रही। जिसके कारण सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। यह हम नहीं सरकारी आंकड़े बताते हैं। आंकड़े इतने डरावने हैं कि पढ़कर रूह कांप जाए।
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भागदौड़ भरी जिंदगी में ओवर स्पीड से सांसों की रफ्तार थम रही है। परिवहन विभाग की मानें तो गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर और हापुड़ में वर्ष 2018 की तुलना में इस वर्ष 57 मौतें ज्यादा हुई हैं, जिनमें ज्यादातर मौत का कारण ओवर स्पीड है।
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14 से 20 अक्तूबर तक सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान परिवहन विभाग के अधिकारी सड़क सुरक्षा को लेकर विभिन्न कार्यक्रम और जागरूकता अभियान चलाते हैं। तमाम रैलियां, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाता है।

गाजियाबाद रीजन के चार जिलों की स्थिति काफी खराब

स्कूल कालेजों में भी लगातार अभियान चलाया जाता है, जिससे छात्र-छात्राएं जागरूक हों और वह अपने परिवार के लोगों को समझाएं। इन अभियानों के बाद भी लोग संभलने को तैयार नहीं है। गाजियाबाद रीजन के चार जिलों की स्थिति काफी खराब है।

वर्ष 2019 में गाजियाबाद में 262, बुलंदशहर में 379, गौतमबुद्धनगर में 331 और हापुड़ में 172 मौतें सड़क दुर्घटना में हुईं। यह स्थिति जागरूकता के बाद है। नए व्हीकल एक्ट के डर के कारण लोगों ने नियमों का पालन करना शुरू किया है।

लोग चालान और जुर्माने के कारण सीट बेल्ट और हेलमेट लगाकर चल रहे हैं। जबकि कुछ लोग कार्रवाई के बाद भी नियमों का पालन करने को तैयार नहीं है। ऐसे लोगों पर ट्रैफिक पुलिस ने भी निगरानी बढ़ानी शुरू कर दी है।

ये हैं जनपदवार हादसे और मौत के आंकड़े

                                                                                                                                 
                                                

                                                                                                                                 
                                                जिला             वर्ष        हादसे         मौत
                                                                                                                                 
                                                

                                                                                                                                 
                                                
                                                                                                                                 
                                                

                                                                                                                                 
                                                गाजियाबाद        2018        695        288
                                                                                                                                 
                                                

                                                                                                                                 
                                                      -         2019        624        262
                                                                                                                                 
                                                

                                                                                                                                 
                                                बुलंदशहर         2018        614        318
                                                                                                                                 
                                                

                                                                                                                                 
                                                    -           2019        626        379
                                                                                                                                 
                                                

                                                                                                                                 
                                                गौतमबुद्घनगर     2018        684        299
                                                                                                                                 
                                                

                                                                                                                                 
                                                     -          2019        756        331
                                                                                                                                 
                                                

                                                                                                                                 
                                                हापुड़            2018        261        164
                                                                                                                                 
                                                

                                                                                                                                 
                                                    -           2019        236        172

महज गाजियाबाद ऐसा जिला जहां हादसे और मौत का ग्राफ घटा

रीजन के चारों जिलों की बात की जाए तो गाजियाबाद में हादसों और मौत का ग्राफ कम हुआ है। जबकि अन्य जनपदों में ग्राफ बढ़ा है। यहां अभियान के बाद लोगों में जागरूकता आई। उन्होंने यातायात नियमों का पालन किया है।

गौतमबुद्धनगर में हादसे बढ़े, बुलंदशहर में मौत

चारों जिलों में गौतमबुद्घनगर में हादसों का ग्राफ बढ़ा है। वर्ष 2018 के सापेक्ष 2019 में 72 दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। पिछले कई वर्षों से हादसों का ग्राफ यहां बढ़ता जा रहा है। जबकि जनपद बुलंदशहर में मौत का ग्राफ बढ़ा है। वर्ष 2018 के सापेक्ष 2019 में 43 मौतें ज्यादा हुई हैं। यह आंकड़े परिवहन विभाग के हैं।

एक्सप्रेस-वे, हाइवे पर वाहनों की स्पीड तय, कैमरे में होंगे कैद

शासन ने एक्सप्रेस-वे और हाइवे पर वाहनों के दौड़ने की स्पीड की तय कर दी है। एक्सप्रेस-वे पर चार पहिया वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ सकते हैं। जबकि हाइवे पर यह वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेंगे। इन वाहनों की स्पीड देखने के लिए एक्सप्रेस-वे और हाइवे पर जगह-जगह  कैमरे लगेंगे। जिससे वाहनों की स्पीड देखी जा सकेगी।

यूपी में भी ओवर स्पीड से सबसे ज्यादा मौत

उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की बात करें तो सबसे ज्यादा मौत ओवर स्पीड से हुई हैं। मोबाइल फोन का प्रयोग करने केदौरान 14 प्रतिशत, रेडलाइड क्रास के दौरान 3 प्रतिशत, गलत साइड पर ड्राइविंग 17 प्रतिशत, नशे में धुत होकर गाड़ी चलाने पर 14 प्रतिशत और ओवर स्पीड से 52 प्रतिशत मौत हुई हैं। यह आंकड़े वर्ष 2018 के हैं।

जिले में यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया है। गत वर्ष केसापेक्ष हादसे कम हुए हैं। आगे भी विभाग जागरूकता अभियान जारी रहेगा, जिससे हादसों के ग्राफ में और कमी आए।-विश्वजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन

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