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विकलांग हों या नेत्रहीन, अब सब देखेंगे इतिहास
भरत पांडेय/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 11 Feb 2014 03:03 PM IST
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दिल्ली स्थित विश्व धरोहरों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी नेत्रहीनों को भी मिल सकेगी।
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कुतुब मीनार के बाद अब लाल किले और हुमायूं के मकबरे में ब्रेल लिपी में सांस्कृतिक सूचना पट्ट लगाई गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर यह पहल की गई है। एएसआई के मुताबिक जल्द ही पुराना किला, जंतर-मंतर, फिरोजशाह कोटला, सफदरजंग मकबरे समेत अन्य धरोहरों पर ऐसी सुविधा उलपब्ध कराई जाएगी।
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अब शारीरिक रूप से अशक्त भी व्हील चेयर पर सवार होकर ऐतिहासिक धरोहरों को देखने आ सकते हैं।
उनकी मदद के लिए इन ऐतिहासिक स्थलों पर खास रैंप बनाए गए हैं साथ ही विभागीय कर्मचारी भी नियुक्त किया गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, दिल्ली सर्किल के पुरातत्व अधीक्षक वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि शारीरिक रूप से अशक्त लोगों के लिए कुतुब मीनार, लाल किला और हुमायूं के मकबरे में सुविधाएं बढ़ाई गई है।
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कुतुब मीनार में विशेष टिकट खिड़की
कुतुब मीनार, लाल किले और हुमायूं के मकबरे में शारीरिक रूप से अशक्त लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। यहां पहुंचने के लिए रैंप भी बनाए जा चुके हैं। कुतुब मीनार में अशक्तों के लिए एक विशेष टिकट खिड़की शुरू की गई है। वहीं, टॉयलेट ब्लॉक को भी सुविधाजनक बनाया गया है। कई स्थलों पर फ्री व्हील चेयर की व्यवस्था की गई है।
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