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इंदिरापुरम बच्ची की मौत का मामला: जीडीए की जांच में सामने आया असली सच, पढ़ें क्या है पूरी सच्चाई?

Tue, 13 Nov 2018 01:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Tue, 13 Nov 2018 01:03 AM IST
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Indirapuram girl death case Chief Engineer submitted report to GDA Vice Chairman
जांच करती हुई टीम - फोटो : अमर उजाला
बीते माह दशहरा पर्व पर गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम के नाले में गिरकर बच्ची की हुई मौत के मामले में जिला प्रशासन के बाद अब जीडीए की जांच पर में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। 
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जांच अधिकारी मुख्य अभियंता ने अपनी रिपोर्ट जीडीए उपाध्यक्ष को सौंप दी है। इसमें में अधिकारियों को दोषी माना गया है। मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ शासन को उनके निलंबन की संस्तुति की जा सकती है।
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इंदिरापुरम में दशहरा महोत्सव को देखकर लौट रही बच्ची की नाले में गिरकर मौत हो गई थी। पहले मामले की जांच का जिम्मा जीडीए ओएसडी के साथ दो अन्य अधिकारियों को दिया गया। 
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उनकी रिपोर्ट पर सवाल उठाने के साथ उसे खारिज कर दिया। पहले की रिपोर्ट में केवल नाले व सड़क के बीच में गैप होने और वहां सुरक्षा दीवार बनाए जाने की बात कही गई। 

इसके बाद जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने मुख्य अभियंता व अपर सचिव को नए सिरे से घटना की जांच और दोषियों के नाम शामिल करने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य अभियंता ने मामले की कई बार मौके पर जाकर विस्तृत जांच की। 

करीब एक सप्ताह तक चली जांच के बाद उन्होंने रिपोर्ट तैयार कर ली है। जांच रिपोर्ट में दोषियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। मुख्य अभियंता व अपर सचिव ने पूरी जांच रिपोर्ट जीडीए उपाध्यक्ष को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट का अब जीडीए उपाध्यक्ष की ओर से अध्ययन करने और रिपोर्ट सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की शासन को संस्तुति की जाएगी।
 

बिल्डरों ने नाले को लेंटर से ढक दिया था


नाले में बच्ची की मौत मामले में खुद जीडीए उपाध्यक्ष ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया था। जांच में जिस नाले में बच्ची की गिरकर मौत हुई, उसे बिल्डरों ने लेंटर डालकर पाट दिया है। बीच-बीच में कुछ जगह नाला खुले रहने के कारण बच्ची उसमें गिर गई थी।

जिससे नाले पर लेंटर डला होने से फौरन बच्ची को निकाला नहीं जा सका। ऐसे में नाले को अपनी सुविधा अनुसार लेंटर डालकर पाटने वाले बिल्डरों को पहले नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। लेंटर होने के कारण ही बच्ची को फौरन नहीं निकाला जा सका।

एनडीआरएफ की टीम ने 14 घंटे के लंबे ऑपरेशन के बाद बच्ची का शव बरामद किया था। इंदिरापुरम में नाला निर्माण के साथ वहां सुरक्षा दीवार बनाई गई थी। नाले के निर्माण में ठेकेदार के काम का सत्यापन करने वाले जेई और एई पर भी गाज गिर सकती है।
 
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