जानिए, देश की पहली ‘स्मार्ट’ यूनिवर्सिटी के बारे में
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया देश की पहली स्मार्ट क्लास रूम यूनिवर्सिटी बनने जा रही है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्मार्ट क्लास रूम का खाका बनाने का काम शुरू कर दिया है।
इसके बाद छात्र बोर्ड के बजाय कीबोर्ड और माउस से काम करेंगे। स्मार्ट क्लास रूम से पहले छात्रों को वाई-फाई कैंपस भी मिलेगा। खास बात यह है कि इनफॉर्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के तहत छात्र देसी समेत विदेशी विश्वविद्यालयों से सीधे जुड़ सकेंगे।
जामिया में स्मार्ट क्लास रूम बनाने के लिए कई विदेशी विश्वविद्यालयों समेत उनके पाठ्यक्रमों का भी जायजा लिया जा रहा है, ताकि उन्हें अपनी योजना में शामिल कर सकें।
योजना के तहत जामिया सबसे पहले कैंपस को वाई-फाई बनाएगा, ताकि छात्र इंटरनेट फ्रेंडली हो सकें। उसके बाद उन्हें धीरे-धीरे स्मार्ट क्लास रूम से जोड़ा जाएगा। कैंपस के सभी क्लासरूम में बोर्ड के बजाय कंप्यूटर लगाए जाएंगे।
स्मार्ट क्लास रूम से जुड़ेंगे छात्र
जामिया प्रबंधन कैंपस के बीच से गुजरती मेट्रो फेज थ्री की मुकुंदपुर से शिव विहार लाइन के निर्माणकार्य के पूरा होने का इंतजार कर रहा है।
क्योंकि निर्माणकार्य के चलते वाई-फाई के लिए तारों को दूसरे कैंपस तक पहुंचाने के लिए सड़क की खुदाई करनी पड़ेगी। मेट्रो निर्माणकार्य पूरा होते ही छात्रों को वाई-फाई से जुड़ने का मौका उपलब्ध हो जाएगा।
2016 तक जामिया पारंपरिक विश्वविद्यालय से निकालकर स्मार्ट क्लास रूम में तब्दील करने की योजना है। इनफॉर्मेशश्न कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के तहत पढ़ाई होगी।
स्मार्ट क्लास रूम से पहले छात्रों को वाई-फाई से जोड़ा जाएगा। इसका सीधा फायदा होगा कि छात्र तकनीक के अलावा देसी-विदेशी पाठ्यक्रमों को भी पढ़ सकेंगे। -प्रो. तलत अहमद, वाइस चांसलर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया