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यमुना में बढ़ा अमोनिया स्तर, NGT ने लगाई फटकार

Tue, 26 Jan 2016 10:37 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 26 Jan 2016 10:37 AM IST
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Increased levels of ammonia in yamuna

यमुना में अमोनिया स्तर बढ़ने की सूचना के मद्देनजर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने दिल्ली जल बोर्ड को फटकार लगाई है। एक रिपोर्ट के आधार पर ग्रीन बेंच ने दिल्ली जल बोर्ड से पूछा कि अमोनिया स्तर बढ़ने के मामले पर आपका पक्ष क्या है। इस संबंध में अभी तक आपने क्या किया। बोर्ड के वकील इन सवालों का स्पष्ट जवाब न दे सके। इसके बाद बेंच ने पर्यावरण मंत्रालय, जल संसाधन मंत्रालय और दिल्ली जल बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों को 28 जनवरी को चैंबर मीटिंग के लिए तलब किया है।

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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को मनोज मिश्र के मामले की सुनवाई की। इस दौरान जल बोर्ड के वकील ने बेंच को बताया कि वे यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़ने की जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट शीघ्र ही दाखिल करेंगे।
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बेंच ने मामले में निर्मल यमुना पुनरुद्धार योजना-2017 के चेयरमैन एवं दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ को भी तलब किया है। मालूम हो कि मैली से निर्मल यमुना पुनरुद्धार योजना के लिए बनाई गई प्रधान समिति में पर्यावरण मंत्रालय के सचिव, जल संसाधन मंत्रालय के संयुक्त सचिव, दिल्ली के मुख्य सचिव, डीडीए के वाइस चेयरमैन, दिल्ली नगर निगमों के कमिश्नर्स व हरियाणा, यूपी, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के राज्य सचिव को शामिल किया गया था।
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हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, यमुना में अमोनिया का स्तर 2 से 2.5 पार्ट्स प्रति मिलियन (पीपीएम) पाया गया था। इसके बाद दिल्ली जल मंत्री कपिल मिश्रा ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती को इस संबंध में पत्र लिखा था। पत्र में जिक्र किया गया कि यदि अमोनिया की मात्रा 0.5 पीपीएम या उससे अधिक हुई तो यह पानी काफी घातक हो सकता है। मसलन, उच्च अमोनिया युक्त पानी में शोधन के लिए यदि क्लोरीन मिलाया जाए तो यह कैंसर पैदा करने वाले तत्व का निर्माण करता है।


मालूम हो कि एनजीटी ने बीते वर्ष दिल्ली सरकार और संबंधित प्राधिकरणों से यमुना के शोधन मामले पर एसटीपी, सीईटीपी के लिए खर्च किए गए फंड का हिसाब मांगा था। वहीं दिल्ली जल बोर्ड ने बताया था कि उसका सालाना बजट 1400 करोड़ रुपये का है।

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