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पांच फीसदी आवासीय भूखंड बेचने वाले किसानों पर आयकर विभाग की नजर
अरविंद सिंह/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 22 Apr 2016 02:10 AM IST
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आयकर विभाग ने पांच प्रतिशत आवासीय भूखंड को बेचने से किसानों को होने वाली आमदनी पर भी नजरें गड़ा दी हैं। विभाग ने प्लॉट बेचने से पूंजी लाभ का हवाला देते हुए टैक्स वसूलने के लिए 450 किसानों को नोटिस जारी किया है।
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आयकर विभाग के मुताबिक , नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से किसानों को पांच फीसदी आवासीय भूखंड विकसित सेक्टरों में रहने के लिए दिया जाता है। इसके लिए प्राधिकरण न्यूनतम कीमत ही वसूल करता है, जो उस सेक्टर के विकास पर खर्च हुआ होता है। किसान इन भूखंडों को बेच देते हैं। इससे उनको मोटा फायदा होता है। इस पूंजी लाभ पर टैक्स देना होता है, लेकिन किसान टैक्स नहीं दे रहे। आयकर विभाग ऐसे किसानों को नोटिस भेज रहा है। अब तक करीब 450 नोटिस जारी किए गए हैं।
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नोटिस का बहुत कम किसान इसका जवाब दे रहे हैं। अधिकतर किसानों ने रजिस्ट्री में उसी प्लॉट का नंबर दे रखा है, जो उन्हें प्राधिकरण से मिला है। उस पते पर नोटिस भेजने पर वहां किसान नहीं मिलता, बल्कि प्लॉट खरीदार मिल रहा है। इससे नोटिस पहुंचने में दिक्कत हो रही है। ऐसे किसानों को बैंक खाते, आधार नंबर व पैन नंबर के जरिये तलाश करने की कोशिश की जा रही है।
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दूसरे, किसान इस बात को भी मानने को तैयार नहीं हैं कि उनकी ऐसी आमदनी भी टैक्स के दायरे में आती है। इस कारण वे जवाब देना जरूरी नहीं समझ रहे। इन्हें बाद में दिक्कत झेलनी पड़ेगी। इसके बाद बचे हुए किसान ही जवाब दे रहे हैं। दरअसल, जमीन अधिग्रहण के एवज में प्राधिकरण मुआवजा और विकसित सेक्टर में पांच फीसदी आवासीय भूखंड आवंटित करता है। नोएडा-ग्रेनो में हजारों किसानों को मुआवजा और प्लॉट मिले हैं।
मुआवजे के ब्याज पर भी टैक्स
पांच फीसदी आवासीय भूखंड के साथ ही आयकर विभाग प्राधिकरण से मिलने वाले मुआवजे पर भी नजर रख रहा है। ऐसे किसान भी विभाग के दायरे में आ रहे हैं, जिन्हें भारी-भरकम मुआवजा मिला है। उस मुआवजे को उन्होंने बैंक खातों में जमा कर दिया है। उस जमा रकम पर ब्याज मिला है। आयकर अधिकारियों का कहना है कि इस रकम का 50 फीसदी ब्याज भी टैक्स से बाहर है, लेकिन बाकी 50 फीसदी ब्याज पर टैक्स बनता है। किसान इस पर टैक्स नहीं दे रहे। आईटी पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 1200 किसानों को नोटिस भेज चुका है। आयकर के अधिकारी भी मान रहे हैं कि जानकारी के अभाव में किसान ऐसी गलती कर रहे हैं।
23 फीसदी नए आयकरदाता
आयकर विभाग के मुताबिक, नोएडा में आयकर रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में 23 फीसदी नए करदाताओं ने रिटर्न फाइल किए हैं। 2014-15 में आयकर रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या करीब 1.40 लाख थी। 2016-17 में यह संख्या बढ़कर 1.81 लाख हो गई है। नोएडा के इन करदाताओं से 1050 करोड़ रुपये का टैक्स मिला है। आयकर विभाग का यह भी कहना है कि नोएडा में 95 फीसदी आयकरदाता ऑनलाइन रिटर्न ही फाइल करते हैं।