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बैंकों के हर अकाउंट पर आयकर विभाग की नजर
ब्यूरो/अमर उजाला/फरीदाबाद
Updated Thu, 22 Dec 2016 09:46 AM IST
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नोटों पर रहेगी इनकम टैक्स विभाग की नजर।
- फोटो : ANI
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इनकम डिक्लेरेशन स्कीम (आईडीसी) के तहत जून से सितंबर के बीच देशभर में 65,250 करोड़ रुपये की अघोषित आय की घोषणा की गई थी। आयकर विभाग के अनुमान के मुताबिक फरीदाबाद जिले में यह आंकड़ा 200 करोड़ रुपये के आसपास रहा।
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नोटबंदी के बाद काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए जा रहे हैं लेकिन केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिटें बैंकों के हर खाते की जानकारियां आयकर विभाग तक पहुंचा रही हैं।
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आयकर विभाग की तरफ से कालाधन दबाए बैठे लोगों को एक अंतिम मौका दिया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 31 मार्च तक अघोषित आय की घोषणा कर 49.99 प्रतिशत टैक्स चुका कालेधन के बोझ से छुटकारा पाया जा सकता है।
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बुधवार को प्रधान आयकर आयुक्त अनुराधा मुखर्जी ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना में कोई भी व्यक्ति नकद के रूप में, बैंक, डाकघर अथवा किसी भी अधिकृत संस्था के खाते में जमा राशि के रूप में अघोषित आय की घोषणा कर सकता है।
योजना के तहत घोषित राशि का 49.99 प्रतिशत (30 प्रतिशत कर, कर पर 33 प्रतिशत सरचार्ज और 10 प्रतिशत पेनाल्टी) का भुगतान करना होगा। इसके अलावा अघोषित आय का 25 प्रतिशत चार वर्ष के लिए संबंधित बैंक या डाकघर में जमा रखना होगा।
उन्होंने बताया कि अघोषित आय की घोषणा न करने वालों पर कार्रवाई के साथ 77.25 प्रतिशत की दर से टैक्स सरचार्ज और सेस लगाया जाएगा। आयकर विवरण में आय न दिखाए जाने पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रधान आयकर आयुक्त ने बताया कि इस संबंध में सीए और बार एसोसिएशन के साथ बैठक की जा चुकी है। ज्यादा से ज्यादा जागरूक करने का काम किया जा रहा है।