'AAP को बदनाम करने पर तुली केंद्र सरकार'
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आम आदमी पार्टी (आप) एक बार फिर चंदा विवाद में घिर गई है। आयकर विभाग ने आप को कारण बताओ नोटिस भेजा है। विभाग ने पार्टी से सवाल किया है कि 30.67 करोड़ रुपये बतौर टैक्स क्यों न लिए जाएं। उधर, आयकर विभाग की नोटिस को सियासी साजिश बताते हुए आप ने अपने चंदे को पवित्र बताया है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि आजाद भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि आयकर विभाग ने किसी राजनीतिक दल के पूरे चंदे को गैर कानूनी ठहराया हो। जबकि आप का सारा चंदा बही-खाते पर है। यह सियासी प्रतिशोध की इंतेहा है।
दूसरी तरफ पार्टी की तरफ से नोटिस का मीडिया में जवाब कोषाध्यक्ष दीपक बाजपेयी ने दिया। बाजपेयी के मुताबिक, आप ने राजनीतिक चंदे की पारदर्शिता बनाने, एक-एक पैसे का हिसाब रखने और भारतीय राजनीति को काले धन के दलदल से निकालने में जो पहल की है, उसकी देश में ही नहीं, पूरी दुनिया मे तारीफ हो रही है।
AAP को बदनाम करने की साजिश रची
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि दूसरे दलों को आप से इस मामले में सीख लेने की जरूरत है। दीपक बाजपेयी ने बताया कि बावजूद इसके केंद्र सरकार अपनी एजेंसियों के सहारे आप को बदनाम करने की साजिश रच रही है।
इसी कड़ी में केंद्र सरकार शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के सहारे विरोध की आवाज को कुचल देना चाहती है। हालांकि बाजपेयी ने माना कि पूरे मामले में आयकर का आदेश आ गया है और फिलहाल विभिन्न न्यायिक व अर्ध न्यायिक संस्थानों में विचाराधीन है, ऐसे में आयकर विभाग के आदेश में लगाए गए आरोपों और तथ्यों पर मीडिया में बात करना ठीक नहीं है।