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आयकर विभाग ने उपग्रह की मदद से पकड़ी 15 करोड़ की टैक्स चोरी
Tue, 02 Apr 2019 06:18 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 02 Apr 2019 06:18 AM IST
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फाइल फोटो
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देश में पहली बार आयकर विभाग ने उपग्रह की मदद से 15 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला पकड़ा है। मामला मोदीनगर क्षेत्र के सीकरी कला का है। यहां हाइवे किनारे की करोड़ों रुपये के व्यावसायिक कांप्लेक्स को सड़क से दूर कृषि भूमि दिखाकर बेच दिया।
आयकर विभाग ने हैदराबाद स्थित नेशनल रिमोट सेंसिंग एजेंसी (एनआरएससी) से उपग्रह की तस्वीरें मांगी तो पता चला कि बिक्री (रजिस्ट्री) के वक्त संबंधित भूमि पर व्यावसायिक प्रतिष्ठान था।
आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में एक साल से जांच चल रही थी। संबंधित व्यक्ति ने कृषि भूमि दिखाकर हाइवे किनारे पूरा कांप्लेक्स बेच दिया।
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उसने 30 लाख रुपये में बिक्री दिखाकर फरवरी 2016 में रजिस्ट्री कर दी। रजिस्ट्री टुकड़ों में की गई। कृषि भूमि दिखाकर करीब 15 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी की गई। मामले में पार्टी से जवाब मांगा गया तो कहा कि रजिस्ट्री के समय कोई निर्माण नहीं था।
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आयकर विभाग ने हैदराबाद स्थित नेशनल रिमोट सेंसिंग एजेंसी (एनआरएससी) से उपग्रह की तस्वीरें मांगी तो पता चला कि बिक्री (रजिस्ट्री) के वक्त संबंधित भूमि पर व्यावसायिक प्रतिष्ठान था।
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आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में एक साल से जांच चल रही थी। संबंधित व्यक्ति ने कृषि भूमि दिखाकर हाइवे किनारे पूरा कांप्लेक्स बेच दिया।
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उसने 30 लाख रुपये में बिक्री दिखाकर फरवरी 2016 में रजिस्ट्री कर दी। रजिस्ट्री टुकड़ों में की गई। कृषि भूमि दिखाकर करीब 15 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी की गई। मामले में पार्टी से जवाब मांगा गया तो कहा कि रजिस्ट्री के समय कोई निर्माण नहीं था।
बाद में बिल्डिंग बनी है। उधर, प्रशासन की तरफ से तत्कालीन एडीएम वित्त एवं राजस्व ने भी पार्टी के तर्क को सही बता दिया। आयकर विभाग को मामला संदिग्ध लगा तो एनआरएससी से संबंधित भूमि की फरवरी 2016 से पहले की उपग्रह तस्वीरें मांगी गई।
प्रधान आयकर निदेशक जांच अमरेंद्र कुमार का कहना है कि एनआरएससी की रिपोर्ट में पता चला कि संबंधित भूमि पर रजिस्ट्री से पहले ही भूखंड बना हुआ था। लखनऊ स्थित राज्य रिमोर्ट सेंसिंग एजेंसी ने भी यह रिपोर्ट दी। अब पार्टी पर 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वसूली की कार्रवाई शुरू हो गई है।
प्रधान आयकर निदेशक जांच अमरेंद्र कुमार का कहना है कि एनआरएससी की रिपोर्ट में पता चला कि संबंधित भूमि पर रजिस्ट्री से पहले ही भूखंड बना हुआ था। लखनऊ स्थित राज्य रिमोर्ट सेंसिंग एजेंसी ने भी यह रिपोर्ट दी। अब पार्टी पर 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वसूली की कार्रवाई शुरू हो गई है।