केंद्र ने दिल्ली सरकार के जनलोकपाल समेत 14 बिल किए वापस
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केंद्र ने दिल्ली विधानसभा में पास 14 बिल को बिना किसी फैसले के वापस कर दिया है। इन बिलों में अरविंद केजरीवाल सरकार का महत्वकांक्षी जन लोकपाल बिल भी शामिल है।
गृहमंत्रालय के मुताबिक दिल्ली सरकार ने बिना केंद्र की अनुमति के इन बिलों को सीधा विधानसभा में पेश कर उसे पास कर दिया। यह नियम के खिलाफ है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने पिछले हफ्ते ही 21 आम आदमी पार्टी विधायकों को संसदीय सचिव केलाभ केपद देने संबंधी बिल को नामंजूर कर दिया था। अब केंद्र ने इस फैसले ने केजरीवाल केहाथों सियासी हमले करने का बड़ा बहाना दे दिया है। हांलाकि गृहमंत्रालय का कहना हैकि नियम को अलग जा कर केंद्र सरकार कुछ नहीं कर सकती।
सरकार को पहले केंद्र की अनुमति लेनी होती है
मंत्रालय केवरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक चूकि दिल्ली को दूसरे राज्यों की तरह पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं है लिहाजा इसके नियम कुछ अलग हैं। नियम के मुताबिक दिल्ली सरकार को किसी बिल को विधानसभा में पेश करने से पहले केंद्र की अनुमति लेनी होती है।
बिल पास हो जाने के बाद बिल को उप राज्पाल केजरिए राष्ट्रपति की हरी झंडी केलिए भेजा जाता है। सूत्रों के मुताबिक इन 14 बिलों में यह प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। लिहाजा केंद्र ने इसे संशोधन के लिए वापस भेज दिया है।
वापस किए जाने बिलों में जन लोकपाल बिल, न्यनतम मजदूरी बिल, दिल्ली स्कूल शिक्षा बिल, बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा बिल और श्रमजीवी पत्रकारों से संबंधित बिल शामिल है।