इस मंदिर में प्रसाद के रूप में भक्त चढ़ाते हैं शराब
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साइबर सिटी में एक ऐसा मंदिर है जहां साल में एक दिन लगने वाले में मेले में देवता को शराब चढ़ाई जाती है। यह मंदिर है नेशनल हाईवे-8 स्थित गांव मानेसर में बाबा भीष्म मंदिर। जहां पर मंगलवार को मेला लगा और शराब प्रसाद लगाया गया।
यहां पर देसी से लेकर एक से एक बढ़कर विदेशी ब्रांड की भी शराब चढ़ती है। यह भक्तों की श्रद्धा पर निर्भर कि वह कैसी शराब चढ़ाता है। सैकड़ों साल से इस गांव के लोग मेले के दौरान शराब चढ़ाते आ रहे हैं।
मंगलवार को शराब चढ़ाने के लिए भीड़ लगी रही। लोगों ने इस रस्म को अदा करने के बाद प्रसाद के रूप में शराब पी। हालांकि मेले के अलावा अन्य दिनों में कोई शराब पीकर मंदिर में चला जाए तो उस पर जुर्माना लगता है।
वापस प्रसाद के रूप में दी जाती है शराब
मानेसर निवासी ब्रह्मप्रकाश यादव व दुर्गा शरण सिंह ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि मेले में हर साल सैकड़ों बोतल शराब भीष्म मंदिर में प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती है।
श्रद्धालुओं को मंदिर में शराब चढ़ाने के बाद पीने के लिए वापस प्रसाद के रूप में दी जाती है। मेले में लोगों का तांता लगा रहा। महिलाओं और बच्चों ने भी शराब चढ़ाई लेकिन उन्होंने शराब पी नहीं।
गांव के पूर्व सरपंच ओम प्रकाश का कहना है कि यह पुरानी परंपरा है। इसके पीछे तर्क क्या है यह कोई नहीं बता पा रहा। इस मेले के लिए गांव मानेसर स्थित सभी स्कूलों में एक दिन की छुट्टी की गई ताकि लोग इसका आनंद ले सकें।
मेले की वजह से दिन भर हाईवे पर जाम से लोग जूझते रहे। मेले में विशेष तौर पर गांव सहरावन, नैनवाल, नहारपुर, नखडौला, खो, कासन, नौरंगपुर, अलीयर, ढाणा, कांकरौला, हरियाबास, भांगरौला, रामपुरा, कुकडौला, फाजिलवास, फकरपुर के ग्रामीण पहुंचे। शाम को पहलवानों ने कुश्ती में अपने दांवपेच दिखाए।