फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   "In the name of the even-odd scheme government robbed crores'

‘सम-विषम से प्रदूषण दूर नहीं हुआ बल्कि सरकार ने कर डाली करोड़ों की लूट'

Mon, 04 Apr 2016 08:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 04 Apr 2016 08:07 AM IST
विज्ञापन
"In the name of the even-odd scheme government robbed crores'
सम-विषम फॉर्मूला

सम-विषम को लेकर भाजपा ने दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लिया है। भाजपा का कहना है कि सरकार की बहुप्रचारित सम-विषम योजना से प्रदूषण तो दूर नहीं हुआ, बल्कि इस योजना की आड़ में सरकार में बैठे लोगों ने करोड़ों रुपये का घोटाला करके अपनी जेबें भरीं।

विज्ञापन


विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से मांग की है कि पिछले ऑड-इवन योजना के दौरान किराये पर ली गई बसों की जांच करवाएं। उन्होंने कहा कि योजना 1 जनवरी से 15 जनवरी तक चली। इस नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हुए।
विज्ञापन


स्कूल बंद किया गया। सरकार के अनुसार, जनता की सुविधा के लिए हजारों की तादाद में निजी बसें किराए पर ली गई, ताकि लोग सार्वजनिक वाहन का इस्तेमाल करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

डिपो द्वारा किराये पर ली गई बसों पर आय कम व व्यय अधिक हुआ

"In the name of the even-odd scheme government robbed crores'
विश्व सांस्कृतिक महोत्सव की वजह से लगा जाम - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली

गुप्ता ने आरटीआई के हवाले से बताया कि नरेला डिपो व रोहिणी डिपो-2 से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन दोनों बस डिपो के प्रबंधकों ने क्रमश: 37 बसें और 21 बसें योजना के दौरान चलाने के लिए किराये पर ली थीं।

इन 58 बसों से कुल आय 13,50,795 रुपये हुई। बसों को सरकार द्वारा 15 दिनों के लिए कुल भुगतान 40,74,973 रुपये किया गया। सिर्फ इन दो डिपो द्वारा किराये पर ली गई बसों पर आय कम व व्यय अधिक हुआ। लिहाजा यह तय है कि इस योजना के नाम पर करोड़ों रुपये लुटाए गए।

जितनी बसें किराये पर ली गई थीं, उनमें योजना के दौरान यात्रियों को ढोने की क्षमता के 10 प्रतिशत से भी कम सवारियां बैठीं। अधिकांश बसें हरियाणा की सीमा पर निजी बस मालिकों ने ले जाकर खड़ी कर दीं और सरकार से मुफ्त में भुगतान ले लिया। यह भी आश्चर्यजनक है कि जब दिल्ली में सड़कों पर निजी कारों में से आधी कारें ही चलीं तब किराये पर ली गयी बसों में यात्रा करने वाले लोगों की संख्या 10 प्रतिशत से भी कम क्यों हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed