सुनपेड़ः दलित समाज की मांग, पुराने मामले की भी हो जांच
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सुनपेड़ मामले की आग अभी बुझी नहीं है। एक तरफ आरोपी बनाए गए लोगों के पक्ष में राजपूत समाज खुलकर सामने आ गया है। वहीं, दलित समुदाय भी पुराने मामले की सीबीआई जांच की मांग पर अड़ गया है।
दलित समाज के लोग जल्द ही इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहरलाल से गुहार लगाएंगे। रविवार को रविदास धर्मशाला में दलित समाज की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
सुनपेड़ गांव में 19/20 अक्तूबर की रात दलित परिवार के घर में लगी आग से दो मासूमों की मौत का मामला काफी तूल पकड़ चुका है। इस मामले की रिपोर्ट एससीएसटी आयोग ने भी तलब की थी, आयोग ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए थे।
51 लोगों की कमेटी में हुआ फैसला
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने राजपूत परिवार के कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पीड़ित की मांग पर राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। इसके बाद से ही पंचायतों का दौर चल रहा है।
रविवार को दलित समाज के लोगों की बैठक में सीबीआई जांच प्रभावित होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई। पंचायत की अध्यक्षता करते हुए गजेंद्र सिंह ने कहा कि 27 अक्तूबर को हुई महापंचायत के बाद 51 लोगों की कमेटी बनाई गई थी, जिसकी बैठक में दलित समाज के लोगों ने पुराने केस की भी सीबीआई जांच कराने की मांग रखी है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल इस मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेगा। बैठक में बहुजन सम्यक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इनकम टैक्स अधिकारी प्रीता हरित, बीएसपी जिला अध्यक्ष रतिराम, रतन विवेक, रामजीलाल,ओमी, बिरजू और कमलदत्त गौतम और केसी गौतम सहित कई लोग मौजूद थे।