जसलीन मामले में इस शख्स ने उठाए गंभीर सवाल, देखें वीडियो
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दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा जसलीन कौर द्वारा छेड़छाड़ और अश्लील कमेंट करने के मामले में लड़के के फोटो को फेसबुक पर पोस्ट करने को लेकर लगातार प्रतिक्रिया आ रही है। हालांकि सर्वजीत को हिरासत में लेने के बाद जमानत मिल चुकी है।
लेकन सोशल मीडिया और वेब की दुनिया में ये मामला अभी भी छाया हुआ है। जहां कल अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने सर्वजीत से ट्वीट कर माफी मांगी थी। वहीं यू-ट्यूब पर एक वीडियो वायरल हो रहा है।
इसमें एक शख्स जसलीन कौर द्वारा सर्वजीत के फोटो को फेसबुक पर पोस्ट करने और उसकी इमेज को बुरी तरह नुकसान पहुंचाने पर सवाल उठा रहा है। इतना ही नहीं इसमें आंकड़ो और तर्कों के माध्यम से ऐसी घटनाओं पर लोगों की नकारात्मक प्रतिक्रियाओं की भी जमकर निंदा की है।
फिलहाल इस वीडियो को लगातार देखा जा रहा है और सर्वजीत के पक्ष को पूरे मामले में समझने की कोशिश की जा रही है। वीडियो में ये व्यक्ति एक मीडिया रिपोर्ट, जसलीन की फेसबुक वॉल और सोशल मीडिया में पूरी घटना के हवाले से बात करता है।
शख्स पहले पूरे घटना का विवरण देता है जैसा कि सबके सामने पहले ही आ चुका है। जसलीन को एक लड़का शब्द या अपशब्द कहता है, जसलीन उसका और उसकी बाइक की नंबर प्लेट का फोटो लेती है।
इसके माध्यम से एफआईआर दर्ज कराती है और फेसबुक पर भी लड़के का फोटो घटना के साथ पोस्ट करती है। ये पोस्ट सोशल मीडिया में वायरल हो जाती है और पुलिस सर्वजीत को हिरासत में लेती है।
'FIR के बावजूद क्यों उड़ाई इमेज की धज्जियां'
इसके बाद वीडियो में ये शख्स जसलीन से सवाल पूछने और समझाने के अंदाज में अपनी बात रखता है। शख्स के मुताबिक जसलीन आपके फेसबुक पोस्ट में ये साफ लिखा था कि आप पहले ही एफआईआर दर्ज करा चुकी थी।
आप पुलिस को सभी सुबूत या जानकारी जैसे फोटो, गाडी की नंबर प्लेट और पूरी घटना का वर्णन दे चुकी थीं। अगर वह दोषी था तो उसे सजा मिलनी चाहिए थी।
शख्स पूछता है कि इतने ठोस साक्ष्यों और सुबूतों के बाद कोई भी उसे नहीं बचा सकता था। ऐसे में फिर आप इस घटना को लेकर ऑनलाइन क्यों गई और उसकी छवि की धज्जियां क्यों उड़ाई?
लड़का पागल था और उसने मूर्खतापूर्ण हरकत के साथ अपशब्द कहे और आपने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। एक मीडिया रिपोर्ट की माने तो उसके खिलाफ धारा 354 ए, 506 और 509 के तहत मामला दर्ज किया गया।
इसका मतलब था कि वह बिना किसी संदेह या दलील के ही बहुत जल्द मुसीबत में पड़ने वाला था। इन हालातों में अगर वह दोषी पाया जाता तो उसे पुलिस की मार झेलनी पड़ती और जेल भी जाता।
वह जिंदगी भर अपने मां-बाप, परिवार, दोस्तों और समाज के बीच शर्मिंदगी से रहता। संभव है कि उसकी नौकरी भी चली जाती। अगर गलती से वह कॉलेज चला जाता तो ये उसके लिए नर्क बन जाता। क्योंकि यहां वह समाज से अलग जाति की तरह ही रहता।
क्या पुलिस और कानून पर नहीं था विश्वास?
वीडियो में बोल रहे लड़का आगे कहता है शब्दों या अपशब्दों से किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने के लिए ये एक पर्याप्त सजा थी। लेकिन शायद ये आपके (जसलीन) लिए नाकाफी रही।
आप इस घटना को लेकर और आगे बढ़ी, फेसबुक पर लड़के की फोटो पोस्ट की और लोगों से कहा कि जितना हो सके इसे शेयर करें। जबकि आपको पता था कि लड़का अपने किए का नतीजा पहले ही पुलिस कार्रवाई में भुगत रहा है। क्यों...?
क्या आपने ये समझा कि पुलिस इस मामले में सक्षम नहीं है और आपको खुद इसे सबक सिखाना चाहिए? अगर ये सही है तो आपको एफआईआर नहीं करनी चाहिए थी...। ऐसे में ये सब क्या था- बदला, घमंड या फिर एक सबक। आपने फेसबुक पर ये डालकर महसूस किया होगा कि आप उसकी जिंदगी तबाह कर चुकी थी।
जोकि बेहद घटिया था। क्या आप मूर्ख थीं या वास्तव में फेसबुक पर फोटो पोस्ट करने के नतीजे से बुरी तरह बेखबर थी और आपने उसे वायरल कर पूरी दुनिया के सामने बर्बाद कर दिया।
किसी लड़के का फोटो पोस्ट कर उसे अपराधी साबित करने का आपको कोई हक नहीं है। अगर आपको वास्तव में न्याय चाहिए था तो आप कोर्ट में भी अपील कर सकती थी या किसी और कानूनी कार्रवाई का सहारा ले सकती थी। जिनमें फेसबुक तो शामिल नहीं है।
फेसबुक पर भीड़ का इंसाफ मिलता है जोकि इस केस में भी हुआ। किसी को क्या पता कि आपके साथ क्या हुआ? कैसे मान लिया जाए आप झूठ नहीं बोल रही हैं? क्या कोई फेसबुक पर या किसी दूसरी जगह पूरी कहानी सुनने के लिए इंतजार करता है... नहीं।
'लडकियां लड़को को शिकार बना सकती हैं?'
हर लड़की बस उस लड़के को कोसने लगती है.. लोग उसके प्रोफाइल पर लिंक करना शुरू कर देते हैं.. और वह इस धरती का सबसे भद्दा इसांन बन जाता है।
एक चीज जो इस मामले के फेसबुक पर ट्रेंड करने के बाद सामने आयी वह ये कि लड़कियां पोस्ट के जवाब में तस्वीरें, मैसेज और स्नैपशॉट्स पोस्ट कर रही थीं। जिनमें लड़के उनसे दोस्ती करना और बात करना चाहते थे। उन ग्रुप और पेज ऑपरेट करने वालों के लिए भी ये शर्मनाक है।
क्या जो आप कर रहे हैं उसमें जरा भी संवेदनशीलता बची है? ये सब क्या इसलिए है कि आप लड़की हैं और आपको किसी शिकार (सॉफ्ट टारगेट) से खेलने का विशेषाधिकार है? आपको किसी भी लड़के को अपना शिकार बनाने अधिकार है क्योंकि लड़कों के पास ऐसा कोई विशेषाधिकार नहीं है?
वीडियो में शख्स आगे कहता है कि आजकल हर दूसरी लड़की मर्दों या पुरूषों पर चीखती है। अचानक एक पुरूष का मतलब बालात्कारी, भद्दा या विकृत, छेड़छाड़ करने वाला, स्त्री से द्वेष करने वाला और यौन अपराधी हो जाता है।
लोग पता नहीं कितने घटिया कमेंट फेसबुक पर एक लड़के के लिए करते चले जाते हैं जैसे- उसे फांसी पर लटका दो, उसे नंपुसक बना दो.. और भी न जाने कितनी बातें।
इस घटना पर भी ऐसे ही कमेंट आए। जबकि आपको इस घटना की पूरी कहानी पता भी नहीं थी और आप एक लड़की का पक्ष सुनकर उस लड़के को जान से मारना चाहते थे।
लड़कियां जिसे पसंद नहीं करती उसे बर्बाद करेगी!
शख्स सोशल मीडिया पर इस मामले में टिप्पणी करने वालों की ओर इशारा करते हुए कहता है कि आपमें और उस भीड़ में क्या अंतर है जिसने नागालैंड में एक रेप के आरोपी को जान से मार दिया? कोई अंतर नहीं है.. आपमें एक बड़ी कमी है।
कल कोई लड़की अपने पूर्व ब्वॉय फ्रैंड की तस्वीर या जिसे वह पसंद नहीं करती है उसकी तस्वीर पोस्ट करेगी और कहेगी कि वह उसका शोषण कर रहा है। इसकी जिदंगी भी बर्बाद कर दीजिए।
ये इसलिए भी है क्योंकि दुनिया लड़कियों को ही पीड़ित समझती हैं, यहां तक कि उनके दिमाग में दूसरे पक्ष के बारे में सवाल तक नहीं उठता। किसी लड़के की जिदंगी तबाह करने के लिए सब लोग टुकड़ो-टुकड़ों मे योगदान करने लगते हैं।
कल कोई भी लड़की ट्विटर फॉलोअर्स के लिए ऐसा कर सकती है। कितने लोग जानते है कि वह ऐसा करने से वायरल या लोकप्रिय हो रही है। ये फेमस होने के लिए और फैन की संख्या बढ़ाने के लिए भी हो सकता है।
ये ट्रेंड इसलिए भी डरावना है, क्योंकि अप्रैल 2013 से जुलाई 2014 तक 53.2 फीसदी रेप के मामले झूठे सामने आए हैं। इनमें से
ज्यादातर का उद्देश्य बदला लेना था। शख्स के मुताबिक ये आंकड़े उनके नहीं हैं, बल्कि दिल्ली महिला आयोग ने ये जानकारी दी है।
देखिए पूरा वीडियो
वीडियो में नजर आ रहा शख्स कहता है कि अगर एक महिला किसी से बदला लेने या दुख देने के लिए रेप का आरोप लगाकर झूठ बोल सकती है तो उसे नहीं लगता कि महिलाओं को समस्या पैदा करने में ज्यादा दिक्कत पेश आती है।
इस तरह की लड़कियां या महिलाएं घृणित हैं और आप (सोशल मीडिया पर नकारात्मक लिखने वाले) किसी की जिदंगी तबाह करने में उनकी मदद कर रहे हैं।
ऐसे मामलों में मीडिया भी इस बर्ताव को उकसा रहा है। आप जितना घृणित और भद्दा लिख सकते हैं, लिखें... बाकी काम मीडिया कर देगा। हालांकि बाद में ये पता चल जाएगा कि लड़की झूठ बोल रही थी लेकिन फिर कौन परवाह करता है?
वीडियो देखने के लिए क्लिक करें।