मासूम का मर्डर : आरोपी छात्र पर लगा 21 हजार का जुर्माना, इन बातों पर कोर्ट ने लगाई पाबंदी
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शहर के एक नामी स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्र की हत्या के मामले में सोमवार को अदालत ने आरोपी छात्र की जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही आरोपी पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अदालत ने इस केस में किसी भी तरह से आरोपी छात्र सहित स्कूल व मृतक छात्र के नाम का प्रयोग करने पर भी पाबंदी लगा दी है। आरोपी छात्र को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड से भी कोई रियायत नहीं मिली थी और अब सत्र न्यायालय ने भी जमानत याचिका खारिज कर दी है।
शहर के एक नामी स्कूल में गत 8 सितंबर को दूसरी कक्षा के छात्र की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी छात्र को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बालिग मानते हुए जमानत देने से मना कर दिया था।
बोर्ड ने सोशल इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट के आधार पर मामले को बाल कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड द्वारा खारिज की गई जमानत याचिका पर परिजनों ने बाल कोर्ट में अपील दायर की थी।
इस वजह से नाम उजागर करने पर लगाई रोक
साथ ही गुहार लगाई थी कि मीडिया द्वारा यह मामला हाईलाइट किया जा रहा है, जिससे उनकी बदनामी हो रही है। इसलिए छात्र व स्कूल के नाम को उजागर करने पर रोक लगाई जाए। इस मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सोमवार के लिए सुरक्षित रख लिया था।
सोमवार को अदालत ने आरोपी छात्र की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि परिजनों द्वारा जमानत के लिए दायर की गई अपील में कोई ऐसा आधार नहीं दिया गया जिससे उसकी जमानत को स्वीकार किया जा सके। इसके लिए अदालत ने उन पर 21 हजार रुपये का जुर्माना (कोस्ट) भी लगाया है।
यह जुर्माना इस मामले में हुई सात सुनवाई के लिए 3 हजार रुपये प्रति सुनवाई के अनुसार लगाया गया है जोकि परिजनों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कराना होगा।
उधर, अदालत ने इस मामले में छात्र व स्कूल के नाम का प्रयोग किए जाने पर पाबंदी लगा दी है। अदालत ने कार्यवाही के दौरान भी असली नामों की जगह काल्पनिक नाम का प्रयोग किए जाने का आदेश दिया है।