मोदी रैली के सामने केजरीवाल कर रहे बंपर सभाएं
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दिल्ली चुनाव जीतने के लिए भाजपा बेशक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी रैलियां कराने की योजना बनी रही है, लेकिन आम आदमी पार्टी (आप) को भरोसा अरविंद केजरीवाल की जनसभाओं पर है।
पार्टी का दावा है कि केजरीवाल ने दिसंबर से अभी तक 52 विधानसभाओं में जनसभाएं की हैं। इनमें साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों से केजरीवाल का सीधा संपर्क हुआ है। खास बात यह कि पहला राउंड दिसंबर मध्य तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद केजरीवाल दोबारा बंपर सभाएं करेंगे।
दरअसल, पार्टी मानकर चल रही है कि दिल्ली चुनाव में स्टार प्रचारक के तौर पर अरविंद केजरीवाल इकलौता बड़ा और भीड़ जुटाऊ चेहरा होंगे। लिहाजा प्रचार अभियान की रणनीति उन्हीं के इर्द-गिर्द तैयार की जा रही है।
पार्टी की कोशिश है चुनाव के ऐलान से पहले केजरीवाल विधान सभाओं में ज्यादा से ज्यादा सभाएं कर लें। पार्टी को इसमें फायदा भी दिख रहा है। बड़ी रैलियों में जहां लाखों के खर्च पर भी स्वत:स्फूर्त भीड़ जुटने की संभावना कम रहती है।
बड़ी रैलियों से लोगों से रिश्ता नहीं बनता
पार्टी का मानना है कि इन रैलियों से लोगों से सीधा रिश्ता बनाना भी आसान नहीं होता। इसकी जगह केजरीवाल की सभाओं में मामूली खर्च होता है। वहीं, सभा में आने के दौरान इलाके के असरदार लोगों से सीधा मुलाकात हो जाती है।
इसका असर वोटिंग के दिन पड़ता है। पार्टी इसी रणनीति पर काम कर रही है। दूसरे चरण को आप इस चरण को अहम मान रही है। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा भाजपा और कांग्रेस के स्टार प्रचार मैदान में होंगे।
फिलहाल आप की रणनीति है कि इस दौरान भी विधानसभाओं में केजरीवाल की सभाएं कराई जाएं। वहीं, पार्टी के दूसरे प्रचारक डोर-टू-डोर कैंपेन करेंगे। इसके अलावा पार्टी के अलग-अलग विंग को भी सम्मेलन होगा।