किसी को न मिले ऐसा मालिक: सैलरी न मिलने से हताश अधेड़ ने लगा ली फांसी, 25 साल से एक ही कंपनी में कर रहे थे काम
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले पदम अपने परिवार के साथ करावल नगर के कमल विहार में किराए के मकान में रहते थे। वह पिछले करीब 25 सालों से कमल विहार की एक फैक्टरी में काम करते थे।
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दिल्ली के करावल नगर इलाके में पदम सिंह (55) ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उनका शव परिजनों के हवाले किया। परिवार ने जब पदम का मोबाइल फोन खंगाला तो उसमें दो पेज का सुसाइड नोट और मरने से पहले बनाए गए दो वीडियो मिले। नोट और वीडियो में पदम ने अपने मालिक को मौत का जिम्मेदार बताया है।
पदम ने आरोप लगाया है कि उसके मालिकों ने पिछले कई माह से उसको सैलरी नहीं दी है। इसकी वजह से वह परेशान है। कई बार मालिकों से कहा, लेकिन वह सुनने के लिए तैयार नहीं थे। हताश होकर यह कदम उठाने की बात की। पुलिस ने छानबीन के बाद पदम के दोनों मालिकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले पदम अपने परिवार के साथ करावल नगर के कमल विहार में किराए के मकान में रहते थे। वह पिछले करीब 25 सालों से कमल विहार की एक फैक्टरी में काम करते थे। बेटे सूरज ने बताया कि सात जून को फैक्टरी मालिक ने पदम के फोन न उठाने की सूचना दी।
सूरज फैक्टरी गया और दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वह वापस आ गया। इस बीच रात के समय वह दोबारा फैक्टरी गया। अंदर की लाइट जल रही थी। उसने दरवाजे को धक्का दिया तो वह खुल गया। अंदर जाने में उसे डर लगा। उसने रात करीब 10.30 बजे जीजा को कॉल किया।
बाद में वह अंदर गए तो अंदर पदम का शव फंदे से लटका था। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। छानबीन के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। बाद में पदम का पर्स और मोबाइल सूरज को दे दिया गया। फोन की जांच करने पर सुसाइड नोट और वीडियो का पता चला। दोनों वीडियो सात जून मरने से पहले बनाए गए थे।