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प्रॉपर्टी के लिए भाई के बच्चों को मारा

Sat, 13 Dec 2014 08:02 AM IST
Updated Sat, 13 Dec 2014 08:02 AM IST
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in Cash van investigation , solved case murder of brother-sister.

नई दिल्ली में अगर 28 नवंबर को कमला नगर में कैश वैन से डेढ़ करोड़ रुपये की लूट की वारदात नहीं होती तो शायद सरिता विहार में हुई बहन-भाई की हत्या की गुत्थी नहीं सुलझती। पुलिस ने बहन-भाई की हत्या के आरोप में चाचा और उसके भतीजे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल, चार कारतूस और चोरी की मोटर साइकिल बरामद की है।

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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव के अनुसार, कमला नगर में डेढ़ करोड़ की लूट की जांच शाखा में तैनात इंस्पेक्टर पीसी यादव की टीम कर रही थी। टीम को सूचना मिली थी कि वारदात में शामिल आरोपी प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ सोनू अपने साथी के साथ चोरी की बाइक से सेक्टर-1 द्वारका आएगा।
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टीम ने वहां घेराबंदी कर प्रदीप कुमार वर्मा (30) और उसके चाचा सुरेश कुमार वर्मा (52) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रदीप वर्मा मै. साईं टूर एंड ट्रैवल्स के कैशियर से वर्ष 2012 में हुई लूट में शामिल रह चुका है। उस वारदात में प्रदीप गिरफ्तार हुआ था और जून, 2014 में जेल से बाहर आया था। वह कैश वैन को लूटने की साजिश रच रहा था। इसके लिए उसने हथियारों का इंतजाम कर लिया था और मोटर साइकिल भी चुरा ली थी।
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प्रापर्टी के लिए कर दी भाई के बच्चों की हत्या

in Cash van investigation , solved case murder of brother-sister.

पुलिस की गिरफ्त में आए सुरेश कुमार ने बताया कि उसने प्रॉपर्टी को हड़पने के लिए भतीजी गुंजन (23) और भतीजे (21) की हत्या की थी। सुरेश के पांच भाई थे। इनमें सेक्टर-1 द्वारका में रहने वाला राजकुमार भी था। वर्ष 2012 में राजकुमार की मौत हो गई।

सुरेश राजकुमार की प्रॉपर्टी को हड़पना चाहता था। उस समय गुंजन की लोनी में शादी हो गई थी। सुरेश अक्तूबर में गुंजन को लोनी से ले आया और कैप्टन गौड़ मार्ग पर गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को सीवर में फेंक दिया था।

एक महीने बाद इसी तरीके से सुरेश ने रोहित की हत्या कर दी थी। जून, 2014 में जब प्रदीप जेल से बाहर आया तो उसे पता चला कि चाचा सुरेश ने गुंजन व रोहित की हत्या की है। इसके बाद उसने भी  प्रॉपर्टी में हिस्सा मांगना शुरू किया। प्रदीप मेरठ कैंट बोर्ड में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी था, मगर गलत संगत में पड़ने के बाद उसने जनवरी, 2012 में साथियों के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था।

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