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डॉक्टरों की मनमानी बनी मरीजों की परेशानी, नौ दिन में तीन हजार मरीज बिना इलाज अस्पताल से लौटे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 29 Jun 2018 01:19 PM IST
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स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर
- फोटो : अमर उजाला
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देश के एक मात्र स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में इन दिनों मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। पिछले 9 दिन में यहां करीब तीन हजार मरीज अस्पताल से वापस लौट चुके हैं। जबकि कई मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिलने का इंतजार है।
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जानकारी के अनुसार 19 जून से पहले हर दिन करीब 17 से 18 ऑपरेशन किए जा रहे थे। लेकिन इसके बाद हर रोज दो से तीन ऑपरेशन ही हो पा रहे हैं। गौर करने वाली बात है कि कुछ डॉक्टर दिन भर अस्पताल में होने के बाद भी मरीजों का इलाज नहीं कर रहे। मरीजों ने प्रबंधन से भी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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दरअसल, 19 जून को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सेंटर के निदेशक डॉ. दीपक चौधरी का ट्रांसफर डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में कर दिया था। वहीं, आरएमएल के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद आर्या को स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर भेज दिया। आदेश के बाद डॉ. आर्या उसी दिन विदाई लेकर सेंटर पहुंच गए, लेकिन डॉक्टर चौधरी बृहस्पतिवार तक अवकाश पर हैं।
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सूत्रों की मानें तो सेंटर निदेशक रहते डॉ. चौधरी हर दिन 10 से 15 ऑपरेशन किया करते थे। अब करीब 250 से ज्यादा मरीज ऑपरेशन के लिए वेटिंग में है। ऐसे में उनकी गैर मौजूदगी में कोई भी डॉक्टर उपचार करने को तैयार नहीं है। जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी डॉक्टरों की मनमानी पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है।