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16 साल पुराने रंगदारी के मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को हुई 7 साल की जेल

Fri, 08 Jun 2018 09:55 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 08 Jun 2018 09:55 AM IST
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in 16 year old extortion case from delhi businessman don abul salem sentence to 7 years of jail
- फोटो : अमर उजाला

पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के 16 साल पुराने मामले में अदालत ने अंडरवल्र्ड डॉन अबू सलेम को सात साल कैद की सजा सुनाई है। दिल्ली के कारोबारी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने 2002 में रंगदारी व अपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया था।

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बता दें कि अबू सलेम को 2005 में पुर्तगाल से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। इस संधि के मुताबिक उसे फांसी की सजा नहीं दी जा सकती। तीस हजारी अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तरुण सेहरावत ने रंगदारी मांगने व धमकी देने की धाराओं में दोषी ठहराते हुये अबू सलेम अंसारी उर्फ अबू सलेम को सात साल कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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कोर्ट ने कहा अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में कामयाब रहा है और उसके साथ नरमी नहीं बरती जा सकती। अदालत ने इस मामले में चार आरोपियों को बरी कर दिया था जबकि एक आरोपी की केस की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
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अभियोजन के मुताबिक अबू सलेम ने 2002 में ग्रेटर कैलाश निवासी कारोबारी अशोक गुप्ता से पांच करोड़ की रंगदारी मांगी थी। अशोक गुप्ता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने रंगदारी का मुकदमा दर्ज किया था। मामले की जांच में अन्य लोगों का भी नाम सामने आया था।

सलेम को नहीं दी जा सकती मौत या उम्रकैद की सजा

in 16 year old extortion case from delhi businessman don abul salem sentence to 7 years of jail

दिल्ली पुलिस ने अबू सलेम व अन्य पांच आरोपियों पर मकोका में एक अलग एफआईआर दर्ज की थी। अबू सलेम ने प्रत्यर्पण संधित का हवाला देते हुये मकोका लगाये जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। प्रत्यर्पण संधि के मुकदमा सलेम को उम्रकैद या मौत की सजा नहीं सुनाई जा सकती जबकि मकोका में यह सजा हो सकती है।

हाईकोर्ट ने इस संधि के मद्देनजर अबू सलेम से मकोका हटा दिया था। इस आधार पर निचली अदालत ने 26 मई को अन्य चार आरोपियों को मकोका ने बरी कर दिया था। निचली अदालत के समक्ष अबू सलेम के वकील एमएस खान ने जिरह करते हुये कहा कि उनके मुव्वकिल की केस की सुनवाई में प्रत्यर्पण संधि की शर्तों का उल्लंघन हुआ है।

इस बात का भी कोई साक्ष्य नहीं है कि उसने अशोक गुप्ता से रंगदारी मांगी थी। बता दें कि अबू सलेम को नवंबर 2005 में पुर्तगाल से लाया गया था और इस मामले में उसे एक जून 2007 को गिरफ्तार किया गया था। उसे 2013 में जमानत मिल गई थी। वह 1993 मुंबई धमाकों के अलावा कई अन्य मामलो में मुंबई की जेल में बंद है।

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