दिल्ली-एनसीआरः हवा की गुणवत्ता में सुधार, 324 पर पहुंचा सूचकांक
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दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी सुधार देखा गया। बीते 24 घंटो में 63 अंकों की गिरावट के साथ हवा की गुणवत्ता गंभीर से बहुत खराब स्तर पर पहुंच गई।
दूसरी तरफ गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम समेत एनसीआर के अन्य शहरों की हवा की गुणवत्ता में भी तेजी से सुधार आया है। सभी शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब स्तर पर रहा।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकॉस्ट रिसर्च (सफर) का कहना है कि बाउंड्री लेयर पर चलने वाली हवाओं की चाल करीब 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। इससे दिल्ली-एनसीआर में छाई स्मॉग की चादर तेजी से छंटी है।
हालांकि, बीते 24 घंटों में पराली जलाने के मामले इस सीजन में सबसे ज्यादा करीब 5000 रिकार्ड किए गए। वहीं, हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी होने से हवा इन्हीं इलाकों से होकर दिल्ली पहुंची। लेकिन हवा की तेज चाल से दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा 12 फीसदी ही रहा।
उधर, सीपीसीबी का पूर्वानुमान है कि देर रात सतह पर चलने वाली हवाएं धीमी होंगी। 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं से बुधवार तड़के वायु गुणवत्ता सूचकांक दोबारा गंभीर स्तर तक पहुंच सकता है। धूप खिली होने से बुधवार दिन में एक बार फिर इसमें सुधार हो सकता है।
दिल्ली-एसीआर को वायु गुणवत्ता सूचकांक
दिल्ली: 324
गाजियाबाद: 346
नोएडा: 351
ग्रेटर नोएडा: 340
फरीदाबाद: 300
गुरूग्राम: 316
सिसोदिया ने सम- विषम फार्मूले का बताया हिट
दिल्ली के सम- विषम फार्मूले को हिट बताते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि योजना का दूसरा दिन भी बहुत सफल रहा है। सोमवार की तुलना में मंगलवार को हवा की गुणवत्ता ज्यादा बेहतर रही। करीब तीन बजे पूरी दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर 58 था, जबकि पीएम10 भी 139 पहुंच गया।
सिसोदिया ने कहा कि मंगलवार के आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली पर धुंध का संकट तकरीबन खत्म हो चुका है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग के वैज्ञानिक फिर भी हालात पर नजर रखे हुए हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भी उम्मीद जगी है कि हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आएगी। सिसोदिया ने बताया कि दिल्लीवाले सम- विषम फार्मूले के समर्थन में हैं। मंगलवार दोपहर तक सिर्फ 384 चालान कटे।