जेएनयू हिंसाः पुलिस को मिले हमलावरों के सुराग, बवाल का भी हुआ खुलासा
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जेएनयू हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर कहा है कि झगड़ा छात्रों के दो गुटों में हुआ था। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को लेकर झगड़ा चल रहा था। पुलिस को हमलावरों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त शालिनी सिंह की देखरेख में फैक्ट फाइंडिंग (तथ्यान्वेषी) कमेटी बनाई गई है।
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मंदीप सिंह रंघावा ने सोमवार शाम कहा कि कोर्ट के आदेश से जेएनयू के प्रशासनिक ब्लॉक में पुलिस रहती है, मगर जिस जगह हिंसा हुई, वह इससे काफी दूर है। 5 बजे पीसीआर कॉल मिली तो पुलिस तुरंत अंदर गई थी। जेएनयू प्रशासन की अनुमति के बाद दिल्ली पुलिस कैंपस में भीतर घुसी।
मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई है। उनके मुताबिक, जेएनयू में अपनी सिक्योरिटी होती है। जांच होगी कि जेएनयू के अंदर कौन और किसके साथ गया था। जेएनयू में सभी की एंट्री होती है। पुलिस के हाथ हमलावरों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। अपराध शाखा की कई टीमें बनाई गई हैं। इन्होंने सोमवार को जेएनयू जाकर मुआयना किया।
शनिवार को भी कैंपस में हुई थी हिंसा
जेएनयू कैंपस में शनिवार को भी हिंसा हुई थी। हालांकि इसकी सूचना बाहर नहीं आई थी। दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी देवेंद्र आर्या ने बताया कि शनिवार को हुई हिंसा के मामले में वसंत कुंज (नार्थ) थाने में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए डीडी एंट्री पर दो एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है और न ही किसी आरोपी की पहचान हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद इस मामले में जल्द ही चार्जशीट कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि इन एफआईआर की जांच भी अपराध शाखा को सौंप दी गई है। हालांकि सवाल यह भी है कि कैंपस का माहौल पहले से तनावपूर्ण था तो पुलिस ने सुरक्षा को क्यों नहीं बढ़ाया।
सोशल मीडिया के वीडियो की भी होगी जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जेएनयू हिंसा के बाद जितने भी वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहे हैं, पुलिस उनके आधार पर भी जांच करेगी। पुलिस सभी वीडियो को कब्जे में लेगी। एक वीडियो ऐसा चल रहा है, जिसमें जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष साबरमती हॉस्टल में दिखाई दे रही हैं। कुछ देर बाद वह पेरियर हॉस्टल में दिखाई दे रही हैं।
तीन टीमों को अलग-अलग काम सौंपा
अपराध शाखा ने हिंसा की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए तीन टीमें बनाकर सबको अलग-अलग काम सौंपा गया है। एक यूनिट जेएनयू कैंपस में लगे सीसीटीवी की फुटेज एकत्र कर रही है। दूसरी यूनिट आरोपियों की धरपकड़ करेगी। तीसरी यूनिट वायरल हो रहे वीडियो व उकसाने वाले वीडियो की जांच करेगी।