कच्ची शराब बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़, डिटरजेंट पाउडर और शैंपू का इस्तेमाल कर बनाई जाती थी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी व उत्तराखंड में कच्ची शराब से मौतों के बाद राजधानी में भी हरकत में आई पुलिस ने राजौरी गार्डन में कच्ची शराब बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। फैक्टरी में केमिकल, डिटरजेंट पाउडर, शैंपू और सडे़ चावलों से कच्ची शराब बनाई जा रही थी। एक्साइज विभाग व राजौरी गार्डन पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसी इलाके में वर्ष 2009 में कच्ची शराब पीने से 27 लोगों की मौत हुई थी। मुख्य आरोपी इस केस के जिम्मेदार बसंता का दामाद है। मौके से भारी मात्रा में कच्ची शराब, शैंपू, डिटरजेंट पाउडर, सड़े चावल, दो ड्रम और ड्रमों से कच्ची शराब बनाने की सामग्री बरामद की गई है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार एक्साइज विभाग को 22 फरवरी की शाम सूचना मिली थी कि राजौरी गार्डन इलाके में मुर्गा मार्केट के अंदर जिजार सिंह नाम का युवक कच्ची शराब बेच रहा है। एसआई संजय शर्मा व हवलदार महेन्द्र की टीम ने राजौरी गार्डन पुलिस के साथ मिलकर मौके पर दबिश दी। पुलिस देखकर जिजार सिंह का कर्मचारी विशाल भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे दबोच लिया।
मौके से भारी मात्रा में हरियाणा निर्मित अवैध शराब बरामद की गई। इसके बाद एक कमरे में बैठे जिजार सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि वह हरियाणा से अवैध शराब लाकर दिल्ली में बेचता था। इसके अलावा वह डिटरजेंट, शैंपू, सड़े चावल, किशमिश, थीस्ट पाउडर मिलाकर कच्ची शराब बनाता था और 40 रुपये प्रति जग बेचता था। उसने तीन-चार दिन पहले ही कच्ची शराब बनाने की फैक्टरी शुरू की थी।
1957 में सामने आया था ऐसा मामला
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार इससे पहले कच्ची शराब बनाने की फैक्टरी का 1997 में पर्दाफाश हुआ था। करीब 21 साल बाद ऐसा ही मामला सामने आया है। कच्ची शराब बनाने पर एक्साइज एक्ट के तहत मृत्यु दंड देने तक का प्रावधान है।
बसंता का रिश्तेदार है जिजार सिंह
वर्ष 2009 में राजौरी गार्डन व ख्याला इलाके में कच्ची शराब पीने से 27 लोगों की मौत हुई थी। दिल्ली पुलिस ने तब मुख्य आरोपी बसंता को गिरफ्तार किया था। उस समय अवैध शराब की फैक्टरी नहीं पकड़ी गई थी। मामले की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंपी गई थी। आरोपियों ने कच्ची शराब बनाने की फैक्टरी को नष्ट कर दिया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी बसंता समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी जिजार सिंह बसंता का दामाद है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश व उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों में अफरातफरी
राजौरी गार्डन के रघुवीर नगर में कच्ची शराब बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश होने पर पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों समेत दिल्ली पुलिस अधिकारियों में अफरातफरी का माहौल है। दिल्ली पुलिस के अधिकारी दबी जुबान में स्वीकार कर है कि कच्ची शराब की फैक्टरी का समय से पर्दाफाश नहीं होता तो दिल्ली में भी यूपी, उत्तराखंड व असम की तरह कई लोगों की जान जा सकती थी। माना जा रहा है कि इलाके के पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होगी।