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Delhi NCR News: अवैध कनेक्शनों ने रोकी गांव की प्यास, टैंकरों पर निर्भर 5500 आबादी
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- 1500 रुपये में खरीदना पड़ रहा एक टैंकर पानी, गरीब परिवार पड़ोसियों से मांगकर बुझा रहे प्यास; समाधान नहीं हुआ तो चक्का जाम की चेतावनी
फोटो - पानी के चेम्बर पर खड़े गांव के युवा।
रिजवान खान
नूंह। जल ही जीवन है का नारा पलड़ी गांव में दम तोड़ता नजर आ रहा है। करीब 5,500 की आबादी वाले इस गांव में पिछले चार महीनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। घरों के नल सूखे पड़े हैं और हर दिन लोगों की शुरुआत पानी की जुगाड़ से होती है। महिलाओं के सिर पर पानी की चिंता और बच्चों के हाथों में खाली बाल्टियां गांव की बदहाल व्यवस्था की गवाही दे रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव तक आने वाली पेयजल लाइन पर जगह-जगह अवैध कनेक्शन होने के कारण पानी बीच रास्ते में ही खत्म हो जाता है। करीब दस साल पहले गांव में पानी का चैंबर बनने से लोगों को राहत की उम्मीद थी, लेकिन विभाग की अनदेखी ने उन उम्मीदों को भी सूखा दिया।
करीब 400 घरों वाले गांव में लगभग 300 परिवारों ने पानी के कुंड बना रखे हैं। एक टैंकर 1,500 रुपये में आता है और वह भी केवल 15 से 20 दिन ही चलता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव हर साल 10 लाख रुपये से अधिक सिर्फ पीने का पानी खरीदने पर खर्च कर देता है। सबसे ज्यादा परेशानी गरीब परिवारों को उठानी पड़ रही है, जो टैंकर मंगाने की स्थिति में नहीं हैं और पड़ोसियों से पानी मांगकर गुजारा कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनस्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। अब लोगों का धैर्य जवाब दे चुका है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल संकट का समाधान नहीं हुआ तो पूरा गांव सड़क पर उतरकर चक्का जाम करेगा।
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विभाग द्वारा गांव पानी की सप्लाई सुचारू रूप से चालु है, फिर भी गांव में पानी की कोई समस्या बनी हुई है तो मौके पर अधिकारियों को भेजकर समस्या का जल्दी ही समाधान कराया जाएगा। अवैध कनेक्शनों की भी जांच कराई जाएगी।
- अमित संडिला, एक्स ई एन जन स्वास्थ्य विभाग नूंह।
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पिछले चार महीने से नलों में पानी नहीं आया। आखिर कब तक टैंकर खरीदकर गुजारा करेंगे। हमारी मांग है कि जल्द समस्या का समाधान कराया जाए।
- तसलीम, फार्मासिस्ट।
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गरीब आदमी के लिए पानी भी अब महंगा हो गया है। कई बार पड़ोसियों से पानी मांगना पड़ता है। आखिर कब तक गांव के लोग अधिकारियों की लापरवाही का दंश झेलते रहेंगे।
- साकिर अली।
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अवैध कनेक्शन हटाकर गांव तक पूरी पानी की सप्लाई पहुंचाई जाए। अधिकारियों ने अब तक सिर्फ आश्वासन दिया है।
- शाहरुख बालोत।
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अब पानी नहीं मिला तो गांव के लोग सड़क पर उतरेंगे। हमारी प्यास अब आंदोलन बन जाएगी।
- अलीम अहमद।
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फोटो - पानी के चेम्बर पर खड़े गांव के युवा।
रिजवान खान
नूंह। जल ही जीवन है का नारा पलड़ी गांव में दम तोड़ता नजर आ रहा है। करीब 5,500 की आबादी वाले इस गांव में पिछले चार महीनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। घरों के नल सूखे पड़े हैं और हर दिन लोगों की शुरुआत पानी की जुगाड़ से होती है। महिलाओं के सिर पर पानी की चिंता और बच्चों के हाथों में खाली बाल्टियां गांव की बदहाल व्यवस्था की गवाही दे रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव तक आने वाली पेयजल लाइन पर जगह-जगह अवैध कनेक्शन होने के कारण पानी बीच रास्ते में ही खत्म हो जाता है। करीब दस साल पहले गांव में पानी का चैंबर बनने से लोगों को राहत की उम्मीद थी, लेकिन विभाग की अनदेखी ने उन उम्मीदों को भी सूखा दिया।
करीब 400 घरों वाले गांव में लगभग 300 परिवारों ने पानी के कुंड बना रखे हैं। एक टैंकर 1,500 रुपये में आता है और वह भी केवल 15 से 20 दिन ही चलता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव हर साल 10 लाख रुपये से अधिक सिर्फ पीने का पानी खरीदने पर खर्च कर देता है। सबसे ज्यादा परेशानी गरीब परिवारों को उठानी पड़ रही है, जो टैंकर मंगाने की स्थिति में नहीं हैं और पड़ोसियों से पानी मांगकर गुजारा कर रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनस्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। अब लोगों का धैर्य जवाब दे चुका है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल संकट का समाधान नहीं हुआ तो पूरा गांव सड़क पर उतरकर चक्का जाम करेगा।
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विभाग द्वारा गांव पानी की सप्लाई सुचारू रूप से चालु है, फिर भी गांव में पानी की कोई समस्या बनी हुई है तो मौके पर अधिकारियों को भेजकर समस्या का जल्दी ही समाधान कराया जाएगा। अवैध कनेक्शनों की भी जांच कराई जाएगी।
- अमित संडिला, एक्स ई एन जन स्वास्थ्य विभाग नूंह।
पिछले चार महीने से नलों में पानी नहीं आया। आखिर कब तक टैंकर खरीदकर गुजारा करेंगे। हमारी मांग है कि जल्द समस्या का समाधान कराया जाए।
- तसलीम, फार्मासिस्ट।
गरीब आदमी के लिए पानी भी अब महंगा हो गया है। कई बार पड़ोसियों से पानी मांगना पड़ता है। आखिर कब तक गांव के लोग अधिकारियों की लापरवाही का दंश झेलते रहेंगे।
- साकिर अली।
अवैध कनेक्शन हटाकर गांव तक पूरी पानी की सप्लाई पहुंचाई जाए। अधिकारियों ने अब तक सिर्फ आश्वासन दिया है।
- शाहरुख बालोत।
अब पानी नहीं मिला तो गांव के लोग सड़क पर उतरेंगे। हमारी प्यास अब आंदोलन बन जाएगी।
- अलीम अहमद।