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Delhi NCR News: कैंसर की पहचान के लिए आईआईटी दिल्ली ने विकसित की एआई तकनीकें
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आईआईटी दिल्ली कॉन्क्लेव में कई तकनीकें प्रदर्शित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (आईआईटी दिल्ली) ने अपने सीएसआर कॉन्क्लेव में कैंसर की पहचान और चलने-फिरने की समस्याओं को दूर करने वाली कई तकनीकें प्रदर्शित कीं। इनमें एआई प्लेटफॉर्म और रोबोटिक एक्सोस्केलेटन प्रमुख थे। इस कार्यक्रम में उद्योग, सरकारी उपक्रमों, सीएसआर संस्थाओं, सरकार और शिक्षा क्षेत्र से 150 से अधिक विशेषज्ञ शामिल हुए।
कॉन्क्लेव में शोधकर्ताओं ने कैंसर की पहचान के लिए रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी और सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती जांच के लिए मिनी कोल्पोस्कोप पेश किया। बीमारी की पहचान में एआई आधारित प्लेटफॉर्म भी दिखाए गए। रोबोटिक एक्सोस्केलेटन उन लोगों की गतिशीलता बढ़ा सकता है जिन्हें चलने में दिक्कत होती है। मेडिकल इमेजिंग, जीनोमिक्स और वैक्सीन जैसी अन्य तकनीकें भी प्रदर्शित की गईं। इनमें से कई तकनीकें अभी प्रोटोटाइप और परीक्षण के चरण में हैं।
शोध और साझेदारी पर चर्चा
कॉन्क्लेव में शोध को प्रयोगशाला से मरीजों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। एआई, डेटा उपयोग, मेडिकल तकनीकों के नियमन और शुरुआती शोध के लिए सीएसआर फंडिंग की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के साथ शोध साझेदारी पर बात हुई। अरुणाचल प्रदेश के विधायक टोको तातुंग मुख्य अतिथि थे और इस दौरान आईआईटी दिल्ली तथा अरुणाचल प्रदेश सरकार के बीच शोध व तकनीक सहयोग के लिए एक पत्र का आदान-प्रदान हुआ।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (आईआईटी दिल्ली) ने अपने सीएसआर कॉन्क्लेव में कैंसर की पहचान और चलने-फिरने की समस्याओं को दूर करने वाली कई तकनीकें प्रदर्शित कीं। इनमें एआई प्लेटफॉर्म और रोबोटिक एक्सोस्केलेटन प्रमुख थे। इस कार्यक्रम में उद्योग, सरकारी उपक्रमों, सीएसआर संस्थाओं, सरकार और शिक्षा क्षेत्र से 150 से अधिक विशेषज्ञ शामिल हुए।
कॉन्क्लेव में शोधकर्ताओं ने कैंसर की पहचान के लिए रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी और सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती जांच के लिए मिनी कोल्पोस्कोप पेश किया। बीमारी की पहचान में एआई आधारित प्लेटफॉर्म भी दिखाए गए। रोबोटिक एक्सोस्केलेटन उन लोगों की गतिशीलता बढ़ा सकता है जिन्हें चलने में दिक्कत होती है। मेडिकल इमेजिंग, जीनोमिक्स और वैक्सीन जैसी अन्य तकनीकें भी प्रदर्शित की गईं। इनमें से कई तकनीकें अभी प्रोटोटाइप और परीक्षण के चरण में हैं।
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शोध और साझेदारी पर चर्चा
कॉन्क्लेव में शोध को प्रयोगशाला से मरीजों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। एआई, डेटा उपयोग, मेडिकल तकनीकों के नियमन और शुरुआती शोध के लिए सीएसआर फंडिंग की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के साथ शोध साझेदारी पर बात हुई। अरुणाचल प्रदेश के विधायक टोको तातुंग मुख्य अतिथि थे और इस दौरान आईआईटी दिल्ली तथा अरुणाचल प्रदेश सरकार के बीच शोध व तकनीक सहयोग के लिए एक पत्र का आदान-प्रदान हुआ।
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