आईआईटी बीएचयू के विशेषज्ञों ने बनाया रोबोट, आधे घंटे में पूरे कमरे को कर सकता है सैनिटाइज
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अस्पतालों में कोरोना मरीजों के आईसीयू वार्ड और क्वारंटीन सेंटर को अब वायरस मुक्त करने का काम सफाईकर्मियों के बजाय रोबोट करेंगे। आईआईटी बीएचयू के विशेषज्ञों ने टॉय कार रूपी ऐसा रोबोट बनाया है, जो यूवी-सी लाइट आधारित सरफेस कम रूम सैनिटाइजर का काम करेगा।
इसके माध्यम से सफाई होने पर अस्पतालों को वायरस मुक्त करने में जुटे कोरोना योद्धा संक्रमित होने से बच जाएंगे। यह रोबोट सफाईकर्मियों का काम आसानी से कर देगा और वे संक्रमित भी नहीं होंगे। यह रोबोट अस्पताल के अलावा स्कूल मेट्रो, ट्रेन, हवाई जहाज, एयरपोर्ट व आफिस में भी आसानी से काम कर सकेंगे।
आईआईटी बीएचयू के डायरेक्टर प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने इस खास रोबोट बनाने वाली टीम के विशेषज्ञों को बधाई दी है। उनका कहना है कि कोविड-19 से बचाव को लेकर विशेषज्ञ सामाजिक दायित्व को निभाते हुए शोध पर काम कर रहे हैं।
संस्थान के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. श्याम कमल, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. संदीप घोष और डॉ. नायडू की टीम ने इस कोविड-19 से बचाव वाले रोबोट को तैयार किया है।
डॉ. श्याम कमल ने बताया कि यह टॉय कार देश में सभी जगह आसानी से उपलब्ध होगी, इसलिए रोबोट बनाने में इसका इस्तेमाल किया गया है, ताकि इसे किसी भी स्थान पर बनाना आसान हो। यह रोबोट दो प्रकार से कार्य करेगा। पहला, इस रोबोट में एक यूवी-सी लाइट टॉय कार के नीचे लगी है जो सतह को सैनिटाइज करती है और दूसरा, इस रोबोट में एक यूवी-सी लाइट टॉय कार के ऊपर लगी है जो पूरे कमरे को डिस-इंफेक्ट करने में सक्षम है।
हालांकि सतह सैनिटाइज करने का काम व्यक्तियों की उपस्थिति में किया जा सकता है, लेकिन टॉय कार में ऊपर लगे लाइट का इस्तेमाल सिर्फ खाली कमरे में ही किया जा सकेगा। ये रोबोट पूरे कमरे को आधे घंटे में डिसइंफेक्ट करने में सक्षम है।
इस रोबोट में आरएफ स्विच और कैमरा लगे हैं। इससे इसे दूसरे कमरे में बैठकर भी ऑपरेट किया जा सकेगा। यूवी-सी का इस्तेमाल ऐसी सतह पर भी किया जा सकता है जिसे धोया नहीं जा सकता।
डॉ. श्याम कमल ने बताया की लॉकडाउन की वजह से, यूवी-सी लाइट मिलने में काफी परेशानी आई थी। हालांकि इसे और ज्यादा लाइट लगा कर और ज्यादा शक्तिशाली बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा की इसकी पोर्टेबिलिटी की वजह से ऐसा एक रोबोट, पूरे हॉस्पिटल के लिए काफी होगा। इस रोबोट की मदद से हॉस्पिटल, बस, ट्रेन, होटल, स्कूल, कार्यालय, क्वारंटीन सेंटर आदि को भी काफी कम समय में सैनिटाइज किया जा सकेगा।