फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   if traffic challan not paid insurance premium have to be doubled delhi police commissioner wrote a letter to ministry of transport

सख्ती की तैयारी: चालान नहीं भरा तो बीमा प्रीमियम देना पड़ सकता है दोगुना, दिल्ली पुलिस आयुक्त ने परिवहन मंत्रालय को लिखा पत्र

Wed, 04 May 2022 01:07 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 04 May 2022 01:07 AM IST
सार

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस समय 1 करोड़ 39 लाख चालान बिना भरे पड़े हुए हैं। इससे लग रहा है कि लोग चालान भरने में रूचि दिखाते ही नहीं है। 12 मई को सभी जिला कोर्ट पटियाला, साकेत, रोहिणी, द्वारका, तीस हजार और कड़कड़डूमा में लोक अदालत आयोजित की जाएंगी।

विज्ञापन
if traffic challan not paid insurance premium have to be doubled delhi police commissioner wrote a letter to ministry of transport
चालान काटते दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी - फोटो : amar ujala

विस्तार

अगर आप अपने वाहन का चालान नहीं भरा तो है तो आप को वाहन के बीमा प्रीमियम दोगुना देना पड़ सकता है। एक करोड़ से ज्यादा पेडिंग पड़े चालानों को भरवाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नया तरीका अपनाया है। दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि पेंडिंग पड़े चालानों को वाहन के बीमा प्रीमियम से जोड़ा जाए। व्यक्ति के उसके वाहन के जितने चालान पेंडिंग होंगे उसे उतना ज्यादा प्रीमियम देना होगा। ऐसे में लोगों में चालान भरने को मजबूर होंगे। 

विज्ञापन


दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस समय 1 करोड़ 39 लाख चालान बिना भरे पड़े हुए हैं। इससे लग रहा है कि लोग चालान भरने में रूचि दिखाते ही नहीं है। 12 मई को सभी जिला कोर्ट पटियाला, साकेत, रोहिणी, द्वारका, तीस हजार और कड़कड़डूमा में लोक अदालत आयोजित की जाएंगी। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी ने बताया कि लोक अदालतों में सिर्फ 1 लाख 44 हजार चालान ही भरे जाएंगे। इन चालानों के टोकन पहले एक घंटे में डाउनलोड़ हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि लोक अदालतों में भरने वाले चालानों की संख्या बहुत ही कम है। इस पुलिस अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2019 से पहले पेंडिंग चालानों को नियंत्रित प्रदूषण प्रमाणत्र (पीयूसी) व वाहन के बीमा से जोड़ा हुआ था। चालान भरने के बाद ही वाहनों को पीयूसी व बीमा किया जाता था। ऐसे में लोग चालान भरते थे। 
विज्ञापन


वर्ष 2019 में इन नियमों में संशोधन कर दिया गया और चालान भरने के लिए पीयूसी व बीमा की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया था। इसके बाद चालान न भरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पेंडिंग पड़े चालानों को देखते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने हाल ही में केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को डीओ लैटर लिखा है और चालान न भरने पर बीमा प्रीमियम बढ़ाने का अनुरोध किया है, ताकि लोग पेंडिंग पड़े चालानों को भर सके। पत्र में कहा गया है कि जिसके जितने चालान पेंडिंग है उसे उतना ज्यादा ही प्रीमियम दिया जाए।  
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले भी प्रस्ताव भेजा था
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक अन्य अधिकारी ने बताया कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अक्टूबर, 2021 में केंद्रीय सड़क एव परिवहन मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा था और बीमा प्रीमियम को चालान से लिंक करने की मांग की थी। इसे दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने की मांग की थी। मगर इसे अभी तक शुरू नहीं किया गया। बीमा प्रीमियम को चालान से नहीं जोड़ा गया है।  

रिमाइंडर लैटर भी भेजा गया था
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव को लागू करने के लिए वर्ष 2022 की शुरूआत में रिमांडइर लैटर भेजा गया था। मगर इस रिमांडर लैटर पर अभी तक ध्यान नहीं दिया गया। 


दिल्ली सरकार को भी पत्र लिखा है
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष की शुरूआत में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली सरकार के पत्र लिखा था। इस पत्र में कहा गया था कि वाहन के बीमा को चालानों के साथ जोड़ा जाए। वाहन का बीमा तभी हो जब वाहन मालिक सभी पेंडिंग चालान को भर दे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में दिल्ली सरकार अभी तक विचार कर रही है। ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली सरकार को भी रिमांडडर पत्र भेजा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed