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'केजरीवाल में हिम्मत और शर्म है तो खुद करें सीधी बहस'

Sun, 29 Nov 2015 01:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 29 Nov 2015 01:28 AM IST
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If Kejriwal has the courage and shame, come and debate.

दिल्ली सरकार के प्रस्तावित जनलोकपाल विधेयक पर दिन भर आप व प्रशांत भूषण के बीचचली तीखी बहस के बीच रविवार शाम नया मोड़ आ गया। प्रशांत भूषण ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इस मसले पर सीधी बहस की चुनौती दे डाली है।

शाम को प्रशांत भूषण ने ट्वीट किया कि ऐसे लोगों को जवाब देने के लिये क्यों भेजा जा रहा है, जिन्हें लोकपाल के बारे में तनिक भी जानकारी नहीं है। अगर अरविंद केजरीवाल में हिम्मत व शर्म है तो वह खुद सीधी बहस करें।

इससे पहले आम आदमी पार्टी शांति भूषण और प्रशांत भूषण पर जवाबी हमला किया। पार्टी का कहना है कि दोनों नेता भाजपा के इशारे पर जनलोकपाल विधेयक के खिलाफ खड़े हैं। प्रस्तावित विधेयक वही है, जिसे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूर्व की 49 दिनों की अपनी सरकार के कार्यकाल के वक्त पेश करने की कोशिश की थी।

 इसमें किसी तरह को हेरफेर नहीं किया गया है। पार्टी नेता राघव चड्ढ़ा ने शनिवार दोपहर बाद मीडिया को बताया कि प्रस्तावित बिल वही है, जिस मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया था।

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'बहस से साफ हो जाएंगी सब बातें'

If Kejriwal has the courage and shame, come and debate.

चड्ढ़ा ने सवाल किया कि प्रशांत को कोई दिक्कत तब क्यों नहीं हुई, जब यही विधेयक आप की पिछली सरकार के दौरान पेश किया गया था। उस वक्त उन्होंने इसे मुद्दा क्यों नहीं बनाया।

प्रशांत व शांति भूषण के आरोपों को खारिज करते हुए चड्ढ़ा ने कहा कि प्रशांत भूषण व उनके परिवार के केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से जगजाहिर करीबी संबंध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली विधानसभा के वक्त दोनों ने पीठ में छुरा घोंपते हुए आप को हराने की पूरी कोशिश भी की थी। अब भाजपा के इशारे पर दोनों जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

राघव चड्ढ़ा ने सलाह दी कि दोनों को भाजपा की सदस्यता ले लेनी चाहिए। वहीं, उनको केंद्र सरकार को भी सलाह देनी चाहिए कि वह लोकपाल नियुक्त करें। केंद्र सरकार के कार्यालयों के लोकपाल की जांच के दायरे में आने के सवाल पर चड्ढ़ा ने कहा कि पिछली सरकार में प्रशांत भूषण ने सबसे पहले दबाव बनाया था कि दिल्ली एसीबी तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली और रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक मामला दर्ज करे।

वहीं, आप की दिल्ली इकाई के सचिव सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली लोकपाल के दायरे में केंद्र को लाने का विरोध कर प्रशांत भूषण भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल अन्ना आंदोलन से निकाले कई लोग विधायक हैं। विधानसभा में वे विधेयक पर बहस करेंगे। उस वक्त सारी बातें साफ हो जाएंगी।

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