नौकरी करना नहीं, नौकरी पैदा करना चाहती हैं ICSE 12वीं सेकंड टॉपर कीर्तन श्रीकांत
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काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईसीएसई) के 12वीं (आईएससी) के परिणाम में देश में दूसरा और दिल्ली-एनसीआर में पहला स्थान हासिल करने वाली कीर्तन श्रीकांत देश में आईटी क्रांति में योगदान देना चाहती हैं।
वह आमिर खान की फिल्म थ्री इडियट्स से बेहद प्रभावित कीर्तन ने बताया कि वह नौकरी नहीं करना चाहती, बल्कि नौकरी पैदा करना चाहती हैं। कीर्तन को मैथ्स, फिजिक्स और कंप्यूटर साइंस में 100 में से 100, अंग्रेजी में 100 में से 97 और केमेस्ट्री में 100 में 95 मार्क्स मिले हैं।
स्कॉटिश हाई इंटरनेशनल स्कूल में 12वीं की छात्रा कीर्तन ने बताया, 'आज कंप्यूटर के क्षेत्र में सबसे ज्यादा हुनरमंद हम भारतीय हैं, लेकिन फिर भी नौकरी करते हैं। इस जंजीर को तोड़कर मैं उद्यमी बनना चाहती हूं। भविष्य में माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसे साम्राज्य की स्थापना अपने देश में करनी है।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने का भारत बनाने में कीर्तन अपना योगदान देने के लिए कंप्यूटर क्षेत्र में रिसर्च करना चाहती हैं। लेकिन, इसके लिए उसकी पहली पसंद आईआईटी है। उन्होंने जेईई एडवांस की परीक्षा दी है और रिजल्ट का इंतजार कर रही हैं।
मां ने बताई कीर्तन की ये खास बात
कीर्तन के पिता एक निजी कंपनी में बतौर इंजीनियर कार्यरत हैं। मां संध्या श्रीकांत कहती हैं कि 12वीं तक की पढ़ाई को लेकर उसका अलग नजरिया है, जिसके बाद से इसने कॉन्सेप्ट को लेकर ज्यादा फोकस किया। पढ़ाई को लेकर बेटी को कभी नहीं कहना पड़ा। वह स्कूल के बाद भी रात तक पढ़ती थी।
स्कूल के चेयरमैन कार्तिकेय सैनी कहते हैं कि उन्हें भी उम्मीद नहीं थी कि कीर्तन सेकंड टॉपर बनेंगी। कीर्तन ने अपनी मेहनत से साबित कर दिया कि वह देश के लिए बेहतर प्रतिभा हैं।