‘आई लव यू कैंपेन में प्रधानमंत्री का उर्दू ट्वीट लिखवाउंगा, देखते हैं कौन रोकता है’
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैं भी हिंदू हूं, हमारा धर्म इतना कमजोर नहीं कि उर्दू लिखने से डर जाए। मैं खुद जाकर शाहदरा की उस दीवार पर उर्दू शायरी लिखवाऊंगा, जहां आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने कलाकारों को उर्दू में लिखने से रोका। वहां प्रधानमंत्री का उर्दू ट्वीट भी लिखवाउंगा, देखते हैं कौन रोकता है।
संस्कृति मंत्री ने कहा है कि 20 मई को एक भारतीय कलाकार और फ्रांस का एक विदेशी कलाकार दिल्ली आई लव यू कैंपेन के उर्दू स्लोगन को सरकार की स्वीकृति से शाहदरा में जलबोर्ड दफ्तर की दीवार पर लिखने गए थे। वहां खुद को आरएसएस कार्यकर्ता बताने वाले कुछ लोगों ने ना सिर्फ उन्हें उर्दू में लिखने से रोका बल्कि हिंदी में भगवा रंग से उस पर स्वच्छ भारत पुतवा दिया।
साथ ही विदेशी कलाकार के साथ गलत व्यवहार और मारपीट भी की गई। पुलिस को मामले की शिकायत दी गई लेकिन मारपीट करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस मामले में पुलिस आयुक्त को पत्र लिख रहा हूं।
विदेशी कलाकार के साथ गलत व्यवहार से विदेशों में देश की छवि खराब हो रही है। पुलिस आयुक्त दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें।कपिल मिश्रा के अनुसार कलाकारों ने आरोप लगाया है कि रोकने वाले आरएसएस के नारे लगा रहे थे।
उनमें से कुछ हाफ पैंट में थे और कुछ फुलपैंट में। अगर वो लोग आरएसएस के कार्यकर्ता नहीं हैं तो संगठन इसकी सफाई दे दे। उर्दू से इतनी नफरत क्यों? आजकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उर्दू में ट्वीट कर रहे हैं, क्या आरएसएस कार्यकर्ता उनके साथ भी ऐसा ही व्यवहार करेंगे, जैसा विदेशी कलाकार के साथ किया है?
कपिल मिश्रा ने बताया कि पर्यटन विभाग ने ट्विटर के माध्यम से दिल्ली आई लव यू कैंपेन चलाया था। जिसमें हिंदी, उर्दू, पंजाबी व अंग्रेजी में एंट्री आई थीं। जिसमें से 40 एंट्रियों को चुना गया था।