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कोरोना की चुनौतियों के बीच सात माह बाद हुनर हाट का आयोजन
Thu, 12 Nov 2020 02:02 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Thu, 12 Nov 2020 02:02 PM IST
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हुनर हाट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना की चुनौतियों के बीच करीब सात महीनों बाद बुधवार को ‘हुनर हाट’ शुरू हो गया। पीतमपुरा दिल्ली हाट में 11 से 22 नवंबर तक ‘हुनर हाट’ का आयोजन किया जाएगा। बुधवार को केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इसका उद्घाटन किया। उनके साथ युवा कार्यक्रम व खेल मंत्री किरेन रिजिजू भी शामिल हुए।
इस अवसर पर नकवी ने कहा कि हुनर हाट ‘लोकल के लिए वोकल’ के संकल्प के साथ देश के दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूत करने का प्रभावी प्लेटफार्म साबित हो रहा है। इससे देश के लाखों स्वदेशी विरासत के उस्ताद दस्तकारों, शिल्पकारों में उत्साह और खुशी का माहौल है।
पीतमपुरा हुनर हाट में 100 से अधिक स्टाल लगाए गए हैं। जिसमें विभिन्न राज्यों से मिट्टी व मेटल से बने खिलौने, दिल्ली की कैलीग्राफी पेंटिंग, असम के ड्राई फ्लावर्स, आंध्र प्रदेश के पोचमपल्ली इक्कट, बिहार की मधुबनी पेंटिंग्स, गोवा से हैंड ब्लॉक प्रिंट, गुजरात से अजरख, जम्मू-कश्मीर से पश्मीना शाल, झारखंड से तुसार सिल्क और बेंत-बांस से निर्मित उत्पाद, कर्नाटक से
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लकड़ी के खिलौने, मध्यप्रदेश से हर्बल उत्पाद, बाघ प्रिंट, बटिक, महाराष्ट्र से बांस से निर्मित उत्पाद, मणिपुर से हस्त निर्मित खिलौने, उत्तर प्रदेश से लकड़ी व कांच के खिलौने, आयरन निर्मित खिलौने आदि प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
यहां बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा आदि के लजीज पारंपरिक पकवानों का आनंद भी लिया जा सकता है। इसके अलावा जाने-माने कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र हैं।
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इस अवसर पर नकवी ने कहा कि हुनर हाट ‘लोकल के लिए वोकल’ के संकल्प के साथ देश के दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूत करने का प्रभावी प्लेटफार्म साबित हो रहा है। इससे देश के लाखों स्वदेशी विरासत के उस्ताद दस्तकारों, शिल्पकारों में उत्साह और खुशी का माहौल है।
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पीतमपुरा हुनर हाट में 100 से अधिक स्टाल लगाए गए हैं। जिसमें विभिन्न राज्यों से मिट्टी व मेटल से बने खिलौने, दिल्ली की कैलीग्राफी पेंटिंग, असम के ड्राई फ्लावर्स, आंध्र प्रदेश के पोचमपल्ली इक्कट, बिहार की मधुबनी पेंटिंग्स, गोवा से हैंड ब्लॉक प्रिंट, गुजरात से अजरख, जम्मू-कश्मीर से पश्मीना शाल, झारखंड से तुसार सिल्क और बेंत-बांस से निर्मित उत्पाद, कर्नाटक से
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लकड़ी के खिलौने, मध्यप्रदेश से हर्बल उत्पाद, बाघ प्रिंट, बटिक, महाराष्ट्र से बांस से निर्मित उत्पाद, मणिपुर से हस्त निर्मित खिलौने, उत्तर प्रदेश से लकड़ी व कांच के खिलौने, आयरन निर्मित खिलौने आदि प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
यहां बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा आदि के लजीज पारंपरिक पकवानों का आनंद भी लिया जा सकता है। इसके अलावा जाने-माने कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र हैं।