लॉकडाउन: मानव संसाधन विकास मंत्री से सीधे संवाद में जुड़े 20 हजार छात्र और अभिभावक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साथ सोमवार को सीधे संवाद में 20 हजार से अधिक अभिभावक और छात्र जुड़े। अभिभावकों की दिक्कत को समझते हुए निशंक ने भरोसा दिलाया कि भारत समेत दुनियाभर के देश एक वायरस से लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन हम छात्रों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होने देंगे।
कोरोना बचाव के लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन और बाद में कक्षाओं में पाठ्यक्रम पूरा करवा दिया जाएगा। संवाद शुरू होने से पहले ही अभिभावकों ने निशंक और मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फीस और वेतन को लेकर अपनी दिक्कतों पर समाधान की मांग रखी।
अगले हफ्ते निशंक सिर्फ छात्रों से संवाद करेंगे। इसमें जेईई मेन, नीट और बोर्ड परीक्षा आदि को लेकर उनकी दिक्कतों का समाधान किया जाएगा। कोरोना वायरस से बचाव के लॉकडाउन में पहली बार मानव संसाधन विकास मंत्री ने अभिभावकों और छात्रों से सीधे ऑनलाइव बात की।
निशंक के ट्विटर हैंडल से ठीक एक बजे ऑनलाइव संवाद शुरू हुआ। केंद्रीय मंत्री ने अपने वेबिनार संवाद के माध्यम से मंत्रालय द्वारा ऑनलाइन शिक्षा के लिए विभिन्न अभियानों और योजनाओं की जानकारी दी। देश के करीब 33 करोड़ छात्र कभी भी और कहीं से भी इन ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़ सकते हैं।
निशंक ने कहा कि अभिभावकों के लिए ये समय और भी मुश्किल हो जाता है क्योंकि उन्हें अपने बच्चों की पढ़ाई की और भविष्य की चिंता भी सता रही होगी। मैं भरोसा दिलाता हूं कि उनकी पढ़ाई और भविष्य की सुरक्षा हम करेंगे।
ऑनलाइन शिक्षा नीति को सुदृढ़ बनाने के लिए भारत पढ़े ऑनलाइन अभियान की शुरुआत की गई है। इसमें छात्रों, अभिभावकों और अध्यापकों की ओर से दस हजार से अधिक सुझाव मिले। इन्हीं के आधार पर जल्द ही दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
अभिभावकों के सवालों-जवाब सत्र में पटना के एक अभिभावक द्वारा एनसीआरईटी पुस्तकों की उपलब्धता के सवाल पर मंत्री ने कहा कि एनसीआरईटी ने लगभग सभी राज्यों में पुस्तकें भेज दी हैं। शीघ्र विद्यार्थियों को ये पुस्तकें उपलब्ध हो जाएंगी।
हालात ठीक होते ही सीबीएसई बोर्ड की 12वीं कक्षा के 29 विषयों पर परीक्षा आयोजित होगी, जबकि दसवीं में दिल्ली के बचे छात्रों की भी परीक्षा ली जाएगी।
12करोड़ छात्रों ने लॉकडाउन में ई-पाठय सामग्री का प्रयोग किया
दीक्षा प्लेटफार्म पर ही 80 हजार से अधिक पाठय सामग्री उपलब्ध हैं। लॉकडाउन में करीब 12 करोड़ छात्रों ने इसका प्रयोग किया है। शिक्षा का नुकसान कम करने के लिए एनसीईआरटी ने वैकल्पिक अकेडमिक कैलेंडर बनाया है। वहीं, सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों के लिए भी नया शैक्षणिक कैलेंडर बनेगा।